अवलोकन

अवलोकन

एसजेवीएन को निगम तथा परियोजना की आयोजना करने, भारत की विशालतम जल विद्युत परियोजना की डिजाइन-इंजीनियरिंग, निर्माण प्रबंधन, स्थापना तथा कमीशनिंग, संविदा-प्रबंधन, परियोजना-प्रबंधन, मानव संसाधन-प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन तथा वाणिज्यिक-प्रबंधन और 1500 मेगावाट की विशाल एनजेएचईपी के निर्माण के दौरान पेश आई समस्याओं और उनके समाधान का अनुभव प्राप्त है। निगम के आंतरिक तकनीकी-विशेषज्ञों की क्षमताओं तथा उनके द्वारा प्राप्त अनुभव का प्रभावी-उपयोग करने के लिए एक समर्पित परामर्शक खंड की स्थापना की गई है, ताकि राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। जलविद्युत, सड़क/रेल सुंगों आदि क्षेत्रों में विभिन्न संगठनों को परामर्शक सेवाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।

  • भूमिगत टनलिंग परियोजना के लिए केआरसीएल ने एसजेवीएनएल को सूचीबद्ध किया है।
  • एसजेवीएनएल परामर्शी विकास केन्द्र (सीडीसी), नई दिल्ली का एक एसोसिएट सदस्य है।

एसजेवीएनएल में उपलब्ध परामर्शी सेवाएं

जलविद्युत परियोजनाओं की संभाव्यता एवं अभियोजना

  • ऊर्जा परिदृश्य के परिप्रेक्ष्य में परियोजना की आवश्यकता तथा विद्युत संभाव्यता अध्ययनों सहित मौजूदा संस्थापन।
  • नदी प्रणालियां, टोपोग्राफिकल एवं भू-तकनीकी पक्ष।
  • हाइड्रोलाजिक मॉडलिंग सहित हाइड्रोलाजी एवं हाइड्रोलिक्स।
  • परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता का मूल्यांकन मसलन लागत लाभ अध्ययन।
  • घटकों का संकल्पनात्मक मानचित्र एवं अभियोजना।
  • संविदा प्रलेखीकरण तथा अवार्ड परामर्श
  • संचार डिजाइन
  • लागत अनुमान
  • संभाव्यता रिपोर्ट एवं विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाना।

विस्तृत संरचनात्मक डिजाइन और डिजाइन मानदण्डों का मूल्यांकन करना

  • बांध एवं डाइवर्जन प्रणाली
  • डिसिल्टिंग व्यवस्था
  • हैड रेस/टेल रेस सुरंगों सहित जल संचार प्रणाली
  • सर्जशाफ्ट/फोर बेज/संतुलन जलाशय
  • प्रेशर शाफ्ट/पेनस्टाक
  • सिविल विद्युत संयंत्र
  • डिसिल्टिंग व्यवस्था तथा विद्युत संयंत्र आदि लोकेट करने के लिए खास भूमिगत कैवर्न

निम्नलिखित के लिए विस्तृत विनिर्दिष्टताएं

  • हाइड्रो-मैकेनिकल कार्य मसलन हाइड्रोलिक गेट, वाल्व एवं हाइस्ट, पंप, ईओटी क्रेन
  • इलैक्ट्रो मैकेनिकल कार्य मसलन जनरेटर, टरबाईनें, पम्प, गवर्नर प्रणाली एवं आक्जीलरी उपस्कर, स्वचालित नियंत्रण तथा प्रचालन प्रणाली इत्यादि

संविदा प्रशासन, निर्माण, पर्यवेक्षेण तथा कमिशनिंग

  • संविदा तथा परियरोजना प्रबंधन
  • निर्माण का पर्यवेक्षण
  • विशेष निर्माण कार्यक्रमों को प्राइमावीरा के जरिए सम्मिलित करने के लिए मुख्य अनुसूचियां और प्रभावी निगरानी प्रणालियां तैयार करना।
  • लागत नियंत्रण सहित वित्त प्रबंधन तथा कैश फ्लो भविष्यवाणी का अद्यतीकरण।
  • नियमित वित्तीय कार्यक्रम तथा तकनीकी प्रगति रिपोर्ट तैयार एवं प्रस्तुत करना।
  • स्वामी संस्था के कार्मिको का प्रशिक्षण
  • कमीशनिंग का अनुसूचीकरण एवं पर्यरवेक्षण
  • ओ.एण्ड एम. मैनुअल बनाना
  • कार्यपूर्ति रिपोर्ट।
  • प्रक्रियाधीन निगरानी एवं निरीक्षण
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