प्रमुख कार्यपालक परिचय

प्रमुख कार्यपालक परिचय

मुख्‍य सतर्कता अधिकारी, श्री श्‍याम सिंह नेगी को एसजेवीएन लि. में 01 सितम्‍बर,2017 से मुख्‍य सतर्कता अधिकारी(सीवीओ) के रूप में नियुक्‍त किया गया है । श्री नेगी भारतीय इकोनोमिक सेवा (आईईएस) के 1993 के बैच से हैं । इन्‍होंने हिमाचल प्रदेश विश्‍वविद्यालय से सार्वजनिक वित्‍त में विशेषज्ञता के साथ अर्थशास्‍त्र में स्‍नातकोत्‍तर डिग्री हासिल की है । मुख्‍य सतर्कता अधिकारी के रूप में ज्‍वाईनिंग से पहले इन्‍हें भारत सरकार के श्रम ब्‍यूरो में उप महानिदेशक के रूप में तैनात किया गया था । विभिन्‍न क्षमताओं में श्रम ब्‍यूरो में अपने कार्यकाल के दौरान इन्‍होंने उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक संख्‍याओं की गणना और उपयोग का एक वृहद अनुभव प्राप्‍त किया है जिसका व्‍यापक रूप से केन्‍द्रीय सरकार, राज्‍य सरकारों , पीएसयू, बैंक, बीमा कंपनियों तथा विभिन्‍न उद्योगों द्वाराउनके कर्मचारियों को देय महंगाई भत्‍ते के निर्धारण और संशोधन के लिए उपयोग किया जाता है। श्रम ब्‍यूरो के अलावा इन्‍होंने भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, कार्यक्रम मूल्‍यांकन संगठन और पूर्व योजना आयोग में विभिन्‍न पदों पर कार्य किया है ।

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विभागाध्‍यक्ष (मानव संसाधन):श्री डी.पी. कौशल जुलाई,2018 से कारपोरेट मानव संसाधन विभाग, शिमला के प्रमुख है । इन्‍होंने हिमाचल प्रदेश विश्‍वविद्यालय से व्‍यवसाय प्रबंधन में स्‍नातकोत्‍तर(मानव संसाधन)किया है। इन्‍होंने आईपीसीएल, वडोदरा(गुजरात) में नवम्‍बर,1987 से अगस्‍त 1992 तक कार्य किया । इन्‍होंने एसजेवीएन वरिष्‍ठ कार्मिक अधिकारी के रूप में अगस्‍त,1992 को ज्‍वाईन किया तथा एनजेएचपीएस(1500 मेगावाट) झाकड़ी में विभिन्‍न पदों पर कार्य किया । जनवरी,2002 में इनका स्‍थानांतरण तथा तैनाती कारपोरेट कार्यालय में हुई तथा विभिन्‍न पदों पर मानव संसाधन विकास एवं प्रशिक्षण, भर्ती तथा जनशक्ति आयोजना का कार्य संभाला । अप्रैल,2012 से अप्रैल,2015 तक इनकी तैनाती लूहरी जलविद्युत परियोजना में मानव संसाधन विभाग के प्रमुख के रूप में हुई ।

इनका स्‍थानांतरण एवं तैनाती कारपोरेट मुख्‍यालय,शिमला में आर एंडआर/सीएसआर के प्रमुख के रूप में मई, 2015 से जुलाई,2018 तक हुई । मानव संसाधन के प्रमुख के रूप में श्री कौशल कारपोरेट मुख्‍यालय के साथ-साथ परियोजनाओं के सभी मानव संसाधन संकार्यों के लिए जिम्‍मेवार हैं । इसके अतिरिक्‍त, मानव संसाधन से संबद्ध सभी मानव संसाधन संकार्यों जैसे विधि, आर एंड आर, सीएसआर, कारपोरेट संचार, प्रापण , राजभाषा आदि का कार्य भी देख रहे हैं ।

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विभागध्‍यक्ष(सिविल संविदा): श्री दीपक नखासी दिनांक 14.01.2016 से कारपोरेट सिविल संविदा विभाग के प्रमुख है । इससे पहले वह सितम्‍बर,2011 से कारपोरेट सिविल डिजाईन विभाग शिमला के प्रमुख थे। श्री नखासी मास्‍टर ऑफ इंजीनियरिंग (जल संसाधन विकास) के साथ ग्रेजुएट इंजीनियर (सिविल) है। वह अगस्‍त,1991 से मई,2008 तक तथा जुलाई,2009 से फरवरी,2013 तक एचपीएसईबी से एसजेवीएन में प्रतिनियुक्ति पर थे। श्री नखासी एचपीएसईबी से एसजेवीएन में दिनांक 01.02.2013 को स्‍थायी रूप से एब्‍जार्ब हुए थे । इनके पास जलविद्युत परियेाजनाओं में 36 वर्षों का अनुभव है ।

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विभागध्‍यक्ष(सिविल डिजाईन): श्री ललित मोहन वर्मा जनवरी,2016 से सिविल डिजाईन विभाग के प्रमुख हैं। इससे पहले वे सिविल संविदा विभाग के प्रमुख थे । इनके पास क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज, कुरूक्षेत्र(अब एनआईटी) से सिविल इंजीनियरिंग में स्‍नातक डिग्री वर्ष 1982 में तथा इसी संस्‍थान से स्‍ट्रक्‍चर्स में पोस्‍ट ग्रेजुएट डिप्‍लोमा है ।

वर्तमान पद से पहले, इन्‍होंने हिमाचल प्रदेश राज्‍य विद्युत बोर्ड (एचपीएसईबी) में मार्च,1983 से सितम्‍बर,1992 तक सहायक अभियंता, सहायक कार्यकारी अभियंता तथा वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियंता के रूप में कार्य किया है। वे दिसम्‍बर,1992 से एसजेवीएनएल के साथ जुड़े हुए है । वे एसजेवीएन के साथ 1992 से 2004 तक प्रतिनियुक्ति पर थे और दिसम्‍बर,2004 में एसजेवीएन में स्‍थायी रूप से एब्‍जार्ब हो गए।

श्री वर्मा एचपीएसईबी तथा एसजेवीएनएल में कई जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। लगभग 34 वर्षों के वृहद अनुभव के साथ वे जल संवाहक प्रणाली तथा नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना (1500 मेगावाट) के भूमिगत विद्युत गृहों तथा संजय जलविद्युत परियोजना(120 मेगावाट) के डिजाइन से जुड़े रहे। वे भारत और विदेशों में जलविद्युत परियोजनाओं नामत: हिमाचल प्रदेश में लूहरी चरण-I (210 मेगावाट), नेपाल में अरूण-3(900 मेगावाट) तथा भूटान में खोलोंग्‍चू(650 मेगावाट) तथा वांग्‍चू(600 मेगावाट) जलविद्युत परियोजनाओं की आयोजना तथा विभिन्‍न डीपीआर को तैयार करने एवं मंजूरी के लिए भी शामिल रहे हैं।

वर्तमान में वह मुख्‍य महाप्रबंधक(सिविल डिजाईन) के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा नेपाल में अरूण-3 जलविद्युत परियोजना(900 मेगावाट) तथा उत्‍तराखण्‍ड में नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना(66 मेगावाट) के मुख्‍य सिविल कार्यों के विस्‍तृत डिजाईनों का कार्य देख रहे हैं । श्री वर्मा एसजेवीएन की सर्वेक्षण/मंजूरी की विभिन्‍न अवस्‍थाधीन(डीपीआर सहमति एवं सांविधिक मंजूरियों) विभिन्‍न जलविद्युत परियोजनाओं नामत:हिमाचल प्रदेश में लूहरी-II(165 मेगावाट) सुन्‍नी डैम (373 मेगावाट) तथा धौलासिद्ध (66 मेगावाट) तथा उत्‍तराखण्‍ड में देवसारी(252 मेगावाट) तथा जाखोल सांकरी (44 मेगावाट) के कार्यों को भी देख रहे हैं। डिजाईन के अलावा वे कंपनी के परामर्शी कार्यों, कॉस्‍ट इंजीनियरिंग यूनिट तथा केन्‍द्रीय सर्वेक्षण यूनिट के प्रभारी हैं।

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विभागाध्‍यक्ष (सीएंडएसओ): श्री रोमेश कपूर के पास वर्तमान में कारपोरेट वाणिज्यिक एवं प्रणाली प्रचालन (सीएंडएसओ), गुणवत्‍ता आश्‍वासन एवं निरीक्षण विभाग (क्‍यूएएंडआई), शिमला के प्रमुख के रूप में दोहरा प्रभार है तथा इसके साथ ही बीडीएंडएमएससी, नई दिल्‍ली के प्रमुख के साथ-साथ दोईमुख एचईपी, नाहरलागून (अरुणाचल प्रदेश) के परियोजना प्रमुख है I श्री कपूर ने अपनी बी.एससी इंजी. (मैके.) क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज (अब एनआईटी) कुरूक्षेत्र से 1984 में की है I उन्‍होंने अपने कैरियर की शुरूआत एनएचपीसी में की और फरवरी,1985 से नवम्‍बर,1989 तक चमेरा एचईपी, बनीखेत, हिमाचल प्रदेश एवं चमेरा पारेषण प्रणाली, चंडीगढ़ में सेवाएं दीI पारेषण प्रणाली के पीजीसीआईएल के साथ आमेलन के बाद श्री कपूर पीजीसीआईएल में आ गए और प्रतिनियुक्ति पर नवम्‍बर,1989 से सितंबर,1995 तक सेवाएं दी I तदुपरांत वे एसजेवीएन में आए और एसजेवीएन में उप प्रबंधक (सीपीएंडएम) के रूप में सितंबर,1996 में एब्‍जार्व किए गए I उन्‍होंने मई,2003 से अप्रैल,2012 तक विद्युत संविदा विभाग में कई स्‍तरों पर और विभागाध्‍यक्ष के रूप में कार्य किया I विद्युत संविदा विभाग में उनके सेवाकाल के दौरान आरएचईपी (412 मेगावाट) तथा पवन विद्युत परियोजना (48.5 मेगावाट) अवार्ड किए गए I उन्‍हें अप्रैल,2012 में सीएंडएसओ का विभागाध्‍यक्ष बनाया गया तथा उन्‍हें ईसीडी के विभागाध्‍यक्ष के रूप में अतिरिक्‍त प्रभार (मार्च,2015 तक) भी दिया गया I

सीएंडएसओ विभाग में उनके ऊपर सीईआरसी, अपीलीय न्‍याधिकरण में सुनवाई के दौरान हाजिर रहने के साथ-साथ परियोजनाओं के टैरिफ निर्धारण तथा अन्‍य तकनीकी मामलों संबंधी सीटीयू/उत्‍पादकों/लाभग्राहियों द्वारा दायर/ अभ्‍युक्तियों/ प्रश्‍नों के उत्‍तर देने के दायित्‍व हैं I वे संबंधित परियोजनाओं के लाभग्राहियों के साथ बिजली खरीद करार (पीपीए) पर हस्‍ताक्षर की निबंधन एवं शर्तों को तय करने तथा एसजेवीएन परियोजनाओं के संपर्क साधने के कार्यों को भी देख रहे हैं I उन पर बिजली एफईआरवी, आरएलडीसी एवं बकाया बिल सभी लाभग्राहियों को देने तथा लाभग्राहियों से बिजली के बिलों का भुगतान करने केलिए संपर्क कायम करने का भी दायित्‍व है I वे तकनीकी एवं व्‍यावसायिक मसलों विषयक विद्युत मंत्रालय, सीईआरसी, सीईए, एनआरएलडीसी, एनआरपीसी, एलएलडीसी एवं राज्‍य लाभग्राहियों के साथ समन्‍वयार्थ भी संबद्ध रहते हैं I

क्‍यूएआईएंडसी के प्रमुख के रूप में इन्‍होंने इलैक्‍ट्रो मैकेनिकल, हाइड्रो मैकेनिकल तथा पवन टरबाईन जनरेटरों के उपकरणों जैसे निर्माण गुणवत्‍ता योजना तथा फील्‍ड गुणवत्‍ता योजना निरीक्षणों , डिस्‍पैच मंजूरी जारी करना, गैर अनुरूपता रिपोर्टों के निपटान आदि के गुणवत्‍ता आश्‍वासन एवं निरीक्षण जिम्‍मेवारियों में भी सहायता प्रदान की

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विभागाध्‍यक्ष(विद्युत डिजाईन)- श्री एस.पी.पाठकः मई,2015 से इलेक्ट्रिकल डिजाईन विभाग के प्रमुख है । इससे पहले, वे मार्च,2013 से जनवरी,2018 तक आईटीएंडसी विभाग, शिमला के प्रमुख थे । श्री पाठक एक ग्रेजुएट इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) है । इन्‍होंने 1982 से 1991 तक एनएचपीसी तथा 1991 से 2006 तक पीजीसीआईएल में कार्य किया । वे इलेक्ट्रिकल डिजाईन तथा गुणवत्‍ता आश्‍वासन एवं निरीक्षण विभाग, कारपोरेट कार्यालय, शिमला में तैनात थे । वे मार्च,2006 से मार्च,2008 तक नाथपा झाकड़ी एचईपी (1500 मेगावाट) में भी तैनात थे ।

वे बाढ़ के बाद पुरुद्धारोपरांत अनुरक्षण प्रणालियों पर अमल से जुड़े जिसके नतीजन निष्‍पादन एवं सक्षमता कारक में सतत सुधार दर्ज हुआ और उन्‍होंने एनजेएचपीएस के लिए बड़े कल-पुर्जों के लिए इन्‍वेंट्री तथा विक्रेताओं का पता लगाने हेतु मार्ग-निर्देशों को अंतिम रूप दिया । आरएचईपी के लिए ईएंडएम पैकेज की सभी मुख्‍य डिजाईनों की मंजूरियां प्राप्‍त की । 600 मेगावाट की खोलोंग्‍चू एचईपी, वांग्‍चू एचईपी (570 मेगावाट) तथा अरुण-3 एचईपी के लिए डीपीआर को अंतिम रूप प्रदान किया तथा 400 केवी, जीआईएस बे एक्‍सटेंशन के रिएक्‍टर पैकेज तथा 400/22 केवी सब स्‍टेशन के लिए डिजाईन पूर्ण किए । एनजेएचपीएस में हार्ड कोटिंग के लिए नए पाऊडर विकसित करने के लिए प्रविधियों के निर्धारण में सहयोग दिया । ई-भुगतान सुविधा सहित नए विक्रेता के माध्‍यम से ई-भर्ती, सॉफ्टवेयर तथा ई-प्रापण को सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया तथा एसजेवीएन के डाटा सेंटर के लिए स्‍पेस और लोकेशन को अंतिम रूप प्रदान किया ।

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विभागाध्‍यक्ष (कारपोरेट आयोजना):श्री रवि उप्‍पल मार्च,2016 से कारपोरेट आयोजना विभाग शिमला के प्रमुख हैं तथा साथ ही साथ पर्यावरण विभाग, शिमला के प्रमुख हैं । इससे पहले वे कारपोरेट निगरानी एवं समन्‍वय विभाग के प्रमुख थे तथा 412 मेगावाट की रामपुर जलविद्युत परियोजना, चल रही परियोजनाओं ; अन्‍वेषणाधीन परियोजनाओं की लागत एवं समय शेड्यूल के संशोधन तथा एसजेवीएन में संस्‍थागत सुदृढ़ीकरण अभ्‍यास की निगरानी में शामिल थे । श्री उप्‍पल ग्रेजुएट इंजीनियर (सिविल) है । इन्‍होंने प्रबंधन में पीजी डिप्‍लोमा किया है। इन्‍होंने जनवरी,2010 में वरिष्‍ठ प्रबंधक (सिविल) के रूप में एसजेवीएन ज्‍वाईन किया। इससे पहले इन्‍होंने एचपीएसईबी में विभिन्‍न पदों पर जून,1984 से सितंबर,2004 तक, एसजेवीएन में सितंबर,2004 से जुलाई,2008 तक तथा प्राईवेट कंपनियों में जुलाई,2008 से दिसंबर,2009 तक सेवाएं दी ।

श्री उप्‍पल नाथपा झाकड़ी जलविद्युत संयंत्र (1500 मेगावाट) के डिजाईन एवं डीपीआर तथा संविदा दस्‍तावेज तैयार करने, प्रशासनिक मंत्रालय, भारत सरकार और राज्‍य सरकार के अन्‍य विभागों/एजेंसियों, विश्‍व बैंक,विविध संसदीय एवं स्‍थाई समितियों के साथ समन्‍वय, नई परियोजनाओं के निष्‍पादन के लिए निवेश निर्णय, विद्युत मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन हस्‍ताक्षरित करना, स्‍वच्‍छ विकास तंत्र, नवरत्‍न स्‍टेटस प्राप्‍त करना, दीर्घ अवधि और लघु अवधि योजना तथा संशोधित लागत आकलनों से जुड़े हुए हैं ।

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विभागाध्‍यक्ष (वित्‍त एवं लेखा):श्री ए.के.सिंह दिसंबर,2017 से कारपोरेट वित्‍त विभाग के प्रमुख हैं । इससे पहले वे एसएपीडीसी, नेपाल में मुख्‍य वित्‍त अधिकारी तथा आंतरिक लेखा परीक्षा विभाग में प्रमुख थे । इन्‍होंने मास्‍टर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (फाईनेंस) किया है । इन्‍होंने दिसंबर,1987 से सितंबर,1993 तक एनएचपीसी लिमिटेड में सेवाएं दी । इन्‍होंने एसजेवीएन सितंबर,1993 में ज्‍वाईन किया । श्री सिंह एनजेएचपीएस, सी.एंड एसओ विभाग, शिमला/परवाणू तथा लूहरी एचईपी में तैनात थे ।

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विभागाध्‍यक्ष (ईसीडी): श्री शशिकांत सूद मई,2015 से कारपोरेट विद्युत संविदा विभाग के प्रमुख है।वे एक विद्युत इंजीनियर हैंI श्री सूद एसजेवीएन में दिसंबर,2001 से एचपीएसईबी से प्रतिनियुक्ति पर थे और एसजेवीएन में जून,2004 में स्‍थायी रूप से एब्‍जार्ब किए गए I वे एनजेएचपीएस में भी सितंबर,2007 से अप्रैल,2015 तक विभिन्‍न पदों पर तैनात किए गएI

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विभागाध्‍यक्ष (आईटीएंडएसई):श्री सलिल शमशेरी जनवरी,2018 से कारपोरेट सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रणाली उत्‍कृष्‍टता (आईटीएंडएसई) विभाग के प्रमुख हैं। इससे पहले वे फरवरी,2016 से जनवरी,2018 तक गुणवत्‍ता प्रबंधन प्रणाली (क्‍यूएमएस) विभाग के प्रमुख थे। श्री शमशेरी ने आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी से बी.टेक (मैकेनिकल), मा.सं. एवं मार्केटिंग में विशेषज्ञता के साथ एमबीए तथा फ्रेंच में एडवांस डिप्‍लोमा हासिल किया है । इन्‍होंने जुलाई,1985 से जून,1996 तक भारत पंपस् एंड कंप्रेशर्स लिमिटेड में सेवाएं दी हैं, जहां पर इन्‍होंने फ्रांस से प्रशिक्षण प्राप्‍त करके भारत में पहली बार न्‍यूक्‍लीयर पावर संयंत्रों के लिए क्‍लास-। कैटेगरी सेंट्रीफ्यूगल पंपों का विनिर्माण किया । वे अपर महाप्रबंधक के रूप में कारपोरेट विद्युत संविदा विभाग, शिमला में भी तैनात रहे जहां एसजेवीएन लिमिटेड में पहली बार ई-प्रापण प्रक्रिया को स्‍थापित करने तथा एसजेवीएन लि. की पहली नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना यानि 47.6 मेगावाट की खिरवीरे पवन विद्युत परियोजना के लिए ईपीसी संविदा अवार्ड करने में उनकी निर्णायक भूमिका रही ।

गुणवत्‍ता आश्‍वासन विभाग के प्रमुख के रूप में, इन्‍होंने सुनिश्चित किया कि प्रतिष्ठित 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत परियोजना के इलेक्‍ट्रो-मैकेनिकल उपकरणों का निरीक्षण निरंतर फोलोअप के साथ समय पर किया जाए जिससे रामपुर जलविद्युत परियोजना की पहली तीन इकाईयां सबसे कम रिकार्ड समय पर कमीशन की गई तथा इसके बाद दिसंबर,2014 में रामपुर जलविद्युत परियोजना को पूरा कमीशन कर दिया गया था । श्री शमशेरी ने आईएसओ 9001:2008 के लिए प्रबंधन प्रतिनिधि होने के नाते एसजेवीएन लिमिटेड में गुणवत्‍ता प्रबंधन प्रणाली की स्‍थापना के लिए अग्रणी भूमिका निभाई । .

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विभागाध्‍यक्ष (सीएमएंडसी) : श्री वी.शंकर नारायणन अप्रैल 2018 से कारपोरेट निगरानी एवं समन्‍वय के प्रमुख हैं । इससे पहले, वे 19.08.2015से 05.04.2018 तक एसजेवीएन के उप मुख्‍य सतर्कता अधिकारी थे । इन्‍होंने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना में वरिष्‍ठ अभियंता (सिविल) के रूप में दिनांक 22.01.1996 को एसजेवीएन ज्‍वाईन किया । इन्‍होंने अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सचिवालय, नैटवाड़ मोरी एवं जाखोल सांकरी जलविद्युत परियोजना, देवसारी जलविद्युत परियोजना में विभिन्‍न पदों पर कार्य किया । श्री वी.शंकरनारायणन, आईआईटी, दिल्‍ली से संरचना इंजीनियरिंग में एम.टेक के साथ एक सिविल इंजीनियर हैं ।

विभागाध्‍यक्ष के रूप में, निर्माणाधीन परियोजनाओं, सर्वेक्षण एवं अन्‍वेषणाधीन परियोजनाओं तथा प्रचालन एवं अनुरक्षणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी में शामिल रहे । इनकी भूमिका में सभी परियोजनाओं से सूचना एकत्र करना तथा उसे प्रबंधन तथा भारत सरकार के विभिन्‍न विभागों को प्रस्‍तुत करना शामिल है । नियमित अंतराल में परियोजनाओं और पावर स्‍टेशनों की समीक्षा बैठकें भी की जाती हैं ।

इन्‍होंने अपने कैरियर की शुरूआत 1986 से 1996 तक नेशनल काऊंसिल फॉर सीमेंट एंड बिल्डिंग मटिरियल्‍स, बल्‍लभगढ़ से की । इन्‍होंने परियोजना प्रबंधक के रूप में प्रतिनियुक्ति आधार पर2003 से 2005 तक केएससीसी, कोच्‍ची में तथा मुख्‍य अभियंता के रूप में पावर ग्रिड में 2005 से 2007 तक कार्य किया । इन्‍होंने 2014 से 2015 तक (एसजेवीएन से लीन पर) टीसीआईएल कोलकाता में अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य किया ।

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विभागाध्‍यक्ष (आंतरिक लेखा परीक्षा) : श्री देवाशीष दास (55 वर्ष) जुलाई,2018 से आंतरिक लेखा परीक्षा विभाग, शिमला के प्रमुख हैं । श्री दास लागत एवं प्रबंधन लेखाकार(सीएमए)हैं तथा इन्‍होंने एलएलबी भी किया हुआ है । इन्‍होंने मार्च,1995 में एसजेवीएन ज्‍वाईन किया । इससे पूर्व इन्‍होंने निपको में कार्य किया । श्री दास मार्च,1995 से जनवरी,2008 तक वित्‍त विभाग, एनजेएचपीएस में तैनात थे तथा एनजेएचपीएस(1500 मेगावाट) के निर्माण चरण के दौरान मुख्‍य सिविल कार्यों से संबंधित विभिन्‍न असाईंमेंटस के साथ-साथ इंफ्रा कार्यों आदि से संबद्ध रहे ।

फरवरी,2008 से मार्च,2012 तक श्री दास कारपोरेट मुख्‍यालय,शिमला में वित्‍तीय सहमति प्रकोष्‍ठ के प्रमुख थे तथा अप्रैल,2012 से सितम्‍बर,2016 तथा अक्‍तूबर,2016 से दिसम्‍बर,2017 तक क्रमश: एनजेएचपीएस (ओ एंड एम चरण के दौरान) में वित्‍त एवं लेखा विभाग तथा आंतरिक लेखा विभाग के प्रमुख थे ।

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विभागाध्‍यक्ष (सीएफएमडी):श्री जे.एस. नैय्यर श्री जे.एस. नैय्यर (53वर्ष)दिसंबर,2018 से कारपोरेट सुविधा प्रबंधन विभाग (सीएफएमडी)के प्रमुख है तथा जनवरी,2019 से केन्‍द्रीय सर्वेक्षण ईकाई(सीएसयू)का अतिरिक्‍त प्रभार है । श्री नैय्यर स्‍नातक इंजीनियर (सिविल) है । इन्‍होंने एसजेवीएन अगस्‍त,1993 में सहायक अभियंता(सिविल) के रूप में ज्‍वाईन किया । इससे पूर्व श्री नैय्यर मार्च,2016 से अप्रैल,2018 तक कारपोरेट पर्यावरण विभाग, शिमला में तैनात थे । श्री नैय्यर भूटान परियोजनाएं , देवसारी जविद्युत परियोजना, रामपुर जलविद्युत स्‍टेशन में भी विभिन्‍न पदों पर तैनात रहे ।

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कंपनी सचिव:श्री सोमेन्‍द्र दास 01 दिसंबर,2011 से एसजेवीएन के कंपनी सचिव है । वे कंपनी के सचिवालय विभाग के समग्र प्रभारी एवं प्रमुख हैं । श्री दास इंस्‍टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरिज़ ऑफ इंडिया के फेलो सदस्‍य है तथा विधि एवं विज्ञान में दोहरी स्‍नातक डिग्री एवं निर्यात प्रबंधन में डिप्‍लोमा धारक है । इन्‍होंने एसजेवीएन 28 दिसंबर,2010 को सहायक कंपनी सचिव के रूप में ज्‍वाईन किया । श्री दास के पास सचिवालय एवं विधि के क्षेत्रों में विभिन्‍न सूचीबद्ध और असूचीबद्ध कंपनियों में 16 वर्षों से अधिक का पेशेवर अनुभव है । वे कंपनी अधिनियम 1956/2013, सेबी तथा अन्‍य निकायों के तहत कंपनी सचिव, अनुपालना अधिकारी तथा निवेशक संबंध अधिकारी की क्षमता में दी गई विभिन्‍न जिम्‍मेवारियों के निर्वहन के लिए जिम्‍मेदार हैं । प्रमुख जिम्‍मेवारियों में वैधानिक अनुपालना, आम बैठकें एवं पोस्‍टल बैलेट/ई-वोटिंग, इन्‍वेस्‍टर कॉनकॉल्‍स तथा रोड-शो इत्‍यादि शामिल हैं ।

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परियोजना प्रमुख (एनजेएचपीएस):श्री संजीव सूद एनजेएचपीएस (1500 मेगावाट) के अक्‍तूबर,2012 से प्रमुख हैं I श्री सूद बी.एससी (विद्युत इंजी.) तथा एम.टेक (कंट्रोल सिस्‍टम) है I

एसजेवीएन में( फरवरी,1996 ) में आने के बाद उन्‍होंने एनजेएचपीएस में विभिन्‍न विभागों में भिन्‍न-भिन्‍न पदों पर कार्य किया है I इससे पहले वे एचपीएसईबी में दिसंबर,1985 से फरवरी,1996 तक कार्य कर चुके हैं I

वे एनजेएचपीएस की स्‍थापना, परीक्षण एवं इलेक्‍ट्रो-मैकेनिकल उपस्‍करों की कमीशनिंग से संबद्ध रहे हैं I विभिन्‍न उपस्‍करों के विद्युत अनुरक्षण, ओ.एंड एम. संहिताओं की डिजीटलीकरण, कमीशन प्रोटोकाल, ओईएम की सूचना पुस्तिका की बिल्‍ड ड्राईंग के लिए प्रणालियां एवं प्रविधियां स्‍थापित की हैं I एल.एंड टी. की मदद से उन्‍होंने कम प्रवाह के दौरान पानी/उत्‍पादन के ईष्‍टत्‍तम उपयोगार्थ विद्युत प्रबंधन सॉफ्टवेयर विकसित किया I उन्‍होंने ग्रिड अचानक बंद हो जाने की स्थिति में एनजेएचपीएस मशीनों के ब्‍लैक स्‍टार्ट के लिए प्रविधियां एवं उनके प्रदर्शन स्‍थापित किए I गत साल के दौरान सतत कोशिशों और लगातार सुधार के जरिए प्रचालनात्‍मक उत्‍कृष्‍टता कायम की तथा 400 केवी लाईनों के लिए भिन्‍न–भिन्‍न लोडिंग हालातों के लिए विशेष रक्षा स्‍कीमें बनाई I

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परियोजना प्रमुख (आरएचपीएस) : श्री सुरेश कुमार 30 अगस्‍त,2015 से आरएचपीएस प्रमुख हैं I श्री ठाकुर बी.ई.(विद्युत इंजी.) हैं I उन्‍होंने हिमाचल प्रदेश वित्‍तीय निगम, शिमला में अगस्‍त,1985 से अप्रैल,1996 तक सेवा की है तथा मई,1996 में एसजेवीएन को ज्‍वाईन कियाI उन्‍होंने कारपोरेट कार्यालय, एसजेवीएन शिमला में सीपीएंडएम तथा सीएंडएसओ विभागों में विभिन्‍न पदों पर कार्य किया I वे रामपुर एचईपी में भी बतौर प्रभारी इंजीनियर, बायल भी तैनात किए गए I विभागाध्‍यक्ष(आरएचपीएस) से पहले वे सतर्कता विभाग, शिमला में जुलाई,2012 से अगस्‍त,2015 तक उप मुख्‍य सतर्कता अधिकारी के रूप में तैनात किए गए I

वे एनजेएचईपी के लिए संशोधित रिपोर्ट, आरएचईपी की क्षमतागत संभाव्‍यता रिपोर्ट, एनजेएचईपी पर विश्‍व बैंक के लिए परियोजना पूर्णीकरण रिपोर्ट तैयार करने और वे एसजेवीएन की विभिन्‍न निर्माणाधीन परियोजना संबंधी परियोजना प्‍लानिंग एवं अनुवीक्षण, आर.एंड आर. एवं ईआईए/ईएमपी अध्‍ययनों, टैरिफ विनियमनों, पीपीए, एनआरपीसी/एनआरएलडीसी के साथ प्रचालनात्‍मक मसलों, परियोजना प्रबंधन, संस्‍थापन, प्‍लानिंग/स्‍थापना, परीक्षण एवं अनुसूचीकरण, संविदा प्रबंधन, ईआई संकार्यों,उप केन्‍द्रों/हाईब्रिड स्‍कीमों, विद्युत एवं सिविल कार्यों के सघन टेक्‍नीकल निरीक्षणों और सीवीसी द्वारा यथापेक्षित जांच रिपोर्टों के साथ संबद्ध रहे I

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परियोजना प्रमुख (एलएचईपी):श्री रोशन लाल नेगी जुलाई,2017 से लूहरी जलविद्युत परियोजना के प्रमुख है I इससे पहले वे मार्च,2012 से 30.06.2014 तक अरुण-III जलविद्युत परियोजना, नेपाल के परियोजना प्रमुख तथा 01.07.2014 से 12.12.2016 तक एसजेवीएन अरुण-3, पावर डवेल्‍पमेंट कंपनी (प्रा.) लि. (एसएपीडीसी) के सीईओ थे I वह 13.12.2016 से 23.07.2016 तक सीएफएमडी, शिमला के प्रमुख भी थेII श्री नेगी बी.ई.(सिविल) हैं I उन्‍होंने एनएचपीसी में वैरास्‍यूल परियोजना (180 मेगावाट), चमेरा विद्युत केन्‍द्र, बनीखेत (540 मेगावाट), कार्यकारी निदेशक कार्यालय क्षेत्र- II, बनीखेत तथा सीएचईपी चरण-III (231 मेगावाट), चंबा (हिमाचल प्रदेश) में कार्य किया I उन्‍होंने एसजेवीएन को अप्रैल,2010 में वरिष्‍ठ प्रबंधक (सिविल) के रूप में ज्‍वाईन किया I उन्‍हें जलविद्युत क्षेत्र का26 साल का अनुभव है I

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परियोजना प्रमुख(एनएमएचईपी): श्री राजेश कुमार जगोता अक्‍तूबर,2017 से नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना के परियोजना प्रमुख है I इससे पहले, वह सीएफएमडी, शिमला के प्रमुख तथा अरुणाचल प्रदेश में दोईमुख एचईपी ( 80 मेगावाट) के प्रभारी थे I इन्‍होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से संरचना इंजीनियरिंग में पोस्‍ट ग्रेजुएशन डिप्‍लोमा के साथ सिविल इंजीनियरिंग में एएमआईई की है I इन्‍होंने अगस्‍त,1985 से दिसंबर,1986 तक केन्‍द्रीय लोक निर्माण विभाग में कनिष्‍ठ अभियंता के रूप में कार्य किया I इन्‍होंने हि.प्र. लोक निर्माण विभाग में भी दिसंबर,1986 से अगस्‍त,1993 तक ग्रेजुएट कनिष्‍ठ अभियंता के रूप में कार्य किया I इन्‍होंने एसजेवीएन सितंबर,1993 को ज्‍वाईन कियाI इन्‍होंने एनजेएचपीएस (1500 मेगावाट), आरएचईपी (412 मेगावाट), डीएचईपी (252 मेगावाट) तथा क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून में विभिन्‍न पदों पर भी कार्य किया I इसके अलावा इन्‍होंने फरवरी,2002 से मार्च,2007 तक ताला जलविद्युत परियोजना (1020 मेगावाट) में भी सेवाएं प्रदान की I

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परियेाजना प्रमुख (डीएचईपी): श्री विजय कुमार अक्‍तूबर,2017 से देवसारी जलविद्युत परियोजना के परियोजना प्रमुख है I वे डिब्रूगढ़ विश्‍वविद्यालय, डिब्रूगढ़ से ग्रेजुएट इंजीनियर (सिविल) हैं I इन्‍होंने हि.प्र. आईपीएच में 04.05.88 से 28.07.93 तक ग्रेजुएट कनिष्‍ठ अभियंता (सिविल) के रूप में कार्य किया I इससे पहले वे एनजेएचपीएस, आरएचपीएस तथा कारपोरेट कार्यालय में विभिन्‍न पदों पर भी तैनात थे I

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परियोजना प्रमुख(जेएसएचईपी):श्री जे.के.महाजन 21 नवम्‍बर,2017 से जाखोल सांकरी जलविद्युत परियोजना, नैटवाड़ के परियोजना प्रमुख है I वे थापर इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्‍नॉलाजी, पटियाला से ग्रेजुएट इंजीनियर (सिविल) हैं I इन्‍होंने हि.प्र. सरकार में अक्‍तूबर,1988 से जून,1994 तक ग्रेजुएट कनिष्‍ठ अभियंता(सिविल) के रूप में कार्य किया है I

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परियोजना प्रमुख (डीएसएचईपी):श्री विनोद आनंद 01 जून,2018 से धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना, हमीरपुर के परियोजना प्रमुख है I वे एएमआईई से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं I इन्‍होंने एसजेवीएन 1994 में ज्‍वाईन किया I इससे पहले वे डीएचईपी, आरएचपीएस, एलएचईपी तथा एनजेएचपीएस में तैनात थे I

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प्रभारी (ट्रांसमिशन लाईन):श्री उदय कुमार सिन्‍हा अरुण-3 पारेषण लाईन ,मुजफ्फरपुर के मई,2015 से प्रभारी हैं I वे मैकेनिकल में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग हैं I उन्‍होंने एसजेवीएन को मार्च,1995 में ज्‍वाईन किया I उन्‍हें कारपोरेट कार्यालय, शिमला में 1995 से जनवरी,2013 तक तैनात किया गया I इससे पहले वे बीटीपीपी पटना में तैनात थे I

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प्रमुख(क्षेत्रीय कार्यालय):श्री डी वडेरा नवम्‍बर,2018 से क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून के प्रमुख हैं । श्री वडेरा सितंबर,2002 से एसजेवीएन में एचपीएसईबी से प्रतिनियुक्ति पर थे तथा जून,2004 में एसजेवीएन में एब्‍जार्ब हुए थे जनवरी,2009 से अप्रैल,2009 तक इनकी तैनाती अरूण-3 जलविद्युत परियोजना, नेपाल में परियोजना प्रमुख के रूप में थी श्री वडेरा कारपोरेट आईटीएंड सी, हाइड्रो मेकैनिकल डिजाइन विभागों, सीएम एंड सी विभाग, सादला पवन विद्युत परियोजना तथा खीरवीरे पवन विद्युत परियोजना में विभिन्‍न पदों पर विभागाध्‍यक्ष के रूप में भी तैनात रहे

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प्रमुख (नवीकरणीय ऊर्जा):श्री संजय उप्‍पल गुजरात में सादला पवन विद्युत परियोजना तथा चारंका सौर विद्युत परियोजना तथा महाराष्‍ट्र में खिरवीरे पवन विद्युत परियोजना के प्रमुख है । इससे पहले वे कारोबार संवर्धन एवं प्रबंधन सेवाएं,नई दिल्‍ली के प्रमुख थे। वे दिल्‍ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय से बी.एससी (मैके.इंजी.) हैंI श्री उप्‍पल फरवरी,2002 से एसजेवीएन में एचपीएसईबी से प्रतिनियुक्ति पर थे तथा एसजेवीएन में दिसंबर,2004 में एब्‍जार्ब किए गए I श्री उप्‍पल को अभियोजना, डिजाईनिंग, परियोजना निर्माण, व्‍यावसायिक, संविदा एवं प्रापण, प्रबंधन सेवाएं और सतर्कता के क्षेत्र में 34 साल का अनुभव है I

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सीईओ (एसएपीडीसी),नेपाल:श्री एस.के.शर्मा दिसंबर,2017 से मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी (एसएपीडीसी) काठमांडू, नेपाल के रूप में कार्यरत है I श्री शर्मा ने थापर इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टेक्‍नोलॉजी, पटियाला से 1981 में बीई (सिविल) की है I उन्‍हें हिमाचल प्रदेश में विभिन्‍न जलविद्युत परियेाजनाओं में 34 साल का वृहद अनुभव है I उन्‍होंने एचपीएसईबी में संजय जलविद्युत परियोजना (120 मेगावाट) में मार्च,1982 से अगस्‍त,1985 तक सेवाएं दी I वे अगस्‍त,1985 से दिसंबर,2004 तक एचपीएसईबी से एसजेवीएन में प्रतिनियुक्ति पर रहे I तदुपरांत उन्‍हें एसजेवीएन में 22.12.2004 को स्‍थायी रूप से एब्‍जार्ब कर लिया गया I उन्‍होंने एनजेएचईपी में 18 साल और आरएचईपी (412 मेगावाट) में 3 साल और एलएचईपी में 5 साल काम किया है जिसमें से तीन साल तक वे परियोजना प्रमुख तथा बक्‍सर ताप विद्युत संयंत्र (1320 मेगावाट) के अगस्‍त,2013 से जून,2015 तक प्रमुख रहे I सीईओ (एसएपीडीसी), से पहले वे 2 वर्षों से अधिक के लिए केएचईएल, भूटान के प्रबंध निदेशक थे I

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सीईओ(एसटीपीएल):श्री एस.सी.अग्रवाल जनवरी,2018 से वर्तमान में एसटीपीएल,बक्‍सर के मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी के रूप में पदस्‍थ हैं । इससे पहले वे उत्‍तराखंड राज्‍य में देवसारी जलविद्युत परियोजना (252 मेगावाट) के परियोजना प्रमुख थे । उन्‍होंने प्रतिष्ठित संस्‍थान बीआईटीएस पिलानी से आनर्स सहित सिविल इंजी. में ग्रेजुएशन की है तथा उन्‍हें तीन दशकों से ज्‍यादा का अनुभव है I एसजेवीएन में 1996 में आने के बाद वे विभिन्‍न विभागों में सेवाएं कर चुके हैं तथा एसजेवीएन के दावा सेल, सीसीसीडी, कारोबार संवर्धन एवं सपंर्क विभाग तथा क्षेत्रीय कार्यालय में उत्‍तराखंड परियोजनाओं के प्रमुख रहे हैं I

एसजेवीएन में आने से पहले वे नेवेल्‍ली लिग्‍नाइट कारपोरेशन लिमिटेड तथा राष्‍ट्रीय धातु विकास निगम लिमिटेड (दोनों शेड्यूल '' एवं नवरत्‍न सीपीएसयू) में सेवा कर चुके हैं I

श्री अग्रवाल को प्‍लानिंग, सर्वेक्षण एवं अन्‍वेषण परियोजनाओं की तकनि‍की–व्‍यावसायिक संभाव्‍यता के मूल्‍यांकन, निर्माण-पूर्व अवस्‍था में नई परियोजनाओं के लिए वैधानिक मंजूरियों, संविदा प्रबंधन, दावा प्रबंधन, विवाद समाधान, अंतर्राष्‍ट्रीय संविदाकरण, अंतर्राष्‍ट्रीय कारोबार संविदाओं,वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र, कारोबार संवर्धन इत्‍यादि का अनुभव है I

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प्रबंध निदेशक (केएचईएल) : श्री प्रवीण गुप्‍तादिसंबर,2017 से खोलोंग्‍चू हाईड्रो एनर्जी लिमिटेड भूटान के प्रमुख हैं I खोलोंग्‍चू हाईड्रो एनर्जी लिमिटेड से पहले वह बक्‍सर ताप विद्युत संयंत्र (1320 मेगावाट) के जून,2015 से प्रमुख थे I वे एक सिविल ग्रेजुएट इंजीनियर हैं I वे अगस्‍त,1991 से एचपीएसईबी से प्रति‍नियुक्ति पर थे I उन्‍होंने स्‍थायी आमेलन आधार पर अक्‍तूबर,2004 में एसजेवीएन को ज्‍वाईन किया तथा आरएचईपी, झाकड़ी में तैनात किए गए I तदुपरांत उन्‍हें जेएसएंडएनएम एचईपी, नैटवार मोरी (उत्‍तराखंड), में परियोजना प्रमुख जेएसएंडएनएम एचईपी के रूप में दिसंबर, 2005 से मार्च,2012 तक भी तैनात किया गया I अपने वर्तमान दायित्‍व से पहले वे देहरादून संपर्क कार्यालय के अप्रैल,2012से जून,2015 तक प्रभारी थे I

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