विशेषज्ञता

विशेषज्ञता

परियोजना की आयोजना, डिजाइन, निर्माण प्रबंधन, संविदा प्रबंधन, और विशेषकर ऐसी अद्वितीय एवं विशाल भूमिगत निर्माण कार्यों के दौरान आई समस्याओं के समाधान करने तथा अन्य विधाओं में कई वर्षों के अर्जित अनुभव के उपयोगार्थ महाप्रबंधक के नेतृत्व में एक परामर्शक डिवीजन स्थापित की गई है, जो निजी एवं सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों के सहोदर संगठनों की निर्माणाधीन एवं भविष्योन्मुखी परियोजनाओं की संकल्पना से लेकर कमीशनिंग अवस्था तक के कार्यों में इस अनुभव का एकीकृत तौर पर इस्तेमाल करेगी। एसजेवीएनएल द्वारा अपने हाथ में लिए गए परामर्श कार्यों को निम्नलिखित विभागों के विशेषज्ञों द्वारा अंजाम दिया जाता है :

तकनीकी विशेषज्ञता

सिविल डिजाइन

  • बांध इन्टेक एवं डिसिल्टिंग
  • विद्युतगृह
  • जलसंचार प्रणाली
  • ढांचागत डिजाइन/परामर्शक विभाग
  • कारपोरेट भूवैज्ञानिक विभाग

हाइड्रो मैकेनिकल डिजाइन (एम.एण्ड जी.)

इलेक्ट्रो मैकेनिकल डिजाइन (ईसीडी)

एसजेवीएन का सेवागत अनुभव निम्नवत् है

नाथपा झाकड़ी परियोजना का पूरा डिजाइन जिसमें, कंक्रीट ग्रेविटी बाँध, विद्युत इनटेक, डिसिल्टिंग व्यवस्थाएं, जल संचार प्रणालियाँ (एचआरटी इत्यादि), सर्ज शाफ्ट, वॉल्व चैम्बर, प्रेशर शाफ्ट, विद्युतगृह परिसर (भूमिगत ), ड्रॉप शाफ्ट, ट्रेंच वीयर जैसे निर्माण कार्य तथा रक्षण एवं नदी प्रवाह प्रबंधन कार्य इत्यादि शामिल हैं।

गेटों, वाल्वों तथा हाइस्टों जेसे हाइड्रो मैकेनिकल कार्यों के लिए विनिर्दिष्टताएं।

जनरेटरों, टरबाईनों, ट्रंसफार्मरों, बटरफ्लाई वाल्वों, एसएफ6 उपस्करों, नियंत्रण उपस्करों तथा सहायक उपस्करों जैसे इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्यों के लिए विनिर्दिष्टताएँ।

सिविल, हाइड्रो-मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्यों के लिए संिवदा दस्तावेज।

परियोजना के विभिन्न घटकों के निर्माण के दौरान पेश आई विशिष्ट तकनीकी समस्याएँ/मसले।

सीडब्ल्यूपीआरएस द्वारा निष्पादित हाइड्रौलिक प्रतिदर्श अध्ययनों के आधार पर लघु एवं दीर्घ अवधि के उपाय करके सिल्ट प्रबंधन के जरिए कुशल विद्युत गृह प्रचालन निम्नवत् हासिल किया गया है :

  • ट्रैश रैक में ब्लैंक पैनलों का प्रावधान।
  • जलाश्य प्रचालन अर्थात् जलाश्य की आवधिक फ्लशिंग
  • नाथपा बांध में डायवर्जन सुंग का निर्माणाधीन प्रावधान।
  • आवाह क्षेत्र उपचार

नवीकरण एवं आंतरिक आर.एण्ड डी. क्रियाकलाप

निर्माणावस्था में
  • बांध एवं इनटेक क्षेत्र में पहाड़ी ढलानों की मजबूती के लिए 200 टन क्षमता के केबल एन्कर्स (भारत में प्रदत्त सर्वोच्च क्षमता) ।
  • एच.आर.टी. में प्रस्तुत आई गर्म पानी की समस्या (अधिकतम तापमान 66 डिग्री सेल्सियस) का सफल हल।
  • अत्यंत प्रतिकूल धरातली परिस्थितियों का डीआरईएसएस प्रविधि (ड्रेनेज रियोनफोर्समेंट - खुदाई-सुपोर्ट सोल्यूशन) द्वारा हल।
  • सुरंग कैवर्न के अंदर 8.5 मीटर व्यास वाले स्टील लाईनरों का निर्माण।
अनुरक्षण एवं प्रचालनावस्था में
  • पानी के नीचे रहने वाले कलपुर्जों की एचवीओएफ तकनीक से टंगस्टन कारबाइड आधारित पाऊîडर से हार्ड कोटिंग।
  • टरबाईन के रिगों, गाइड वैन बुशिंग्स इत्यादि जैसे मुख्य कलपुर्जों का स्वदेशीकरण।
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