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एसजेवीएन को सर्वोत्त्म जलविद्युत उत्पा दक के पुरस्का र से नवाजा गया

अक्तूबर 30, 2017

इन्डीकपेंडेट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईपीपीएआई) ने एसजेवीएन को ''सर्वोत्त म जलविद्युत उत्पाकदक'' की श्रेणी में ''सर्वोत्त(म'' घोषित किया है । एसजेवीएन को इस पुरस्कातर से जलविद्युत स्टेाशनों के प्रचालन और अनुरक्षण के क्षेत्र में इसके उम्दा प्रदर्शन के लिए नवाजा गया है । एसजेवीएन के अध्ययक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री रमेश नारायण मिश्र ने यह पुरस्काार बेलगांव, कर्नाटक में आयोजित एक समारोह में प्राप्त किया ।

इन्डीकपेंडेट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईपीपीएआई) ने 18वें नियामक और नीति- निर्माता मिलन कार्यक्रम के दौरान आयोजित 'पावर पुरस्काारों' का आयोजन किया। इन्डीकपेंडेट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईपीपीएआई) की एक अलाभप्रद संगठन के रूप में स्थाापना भारत सरकार द्वारा निजी उद्योग के लिए विद्युत क्षेत्र खोल देने के तुरंत बाद हुई थी । सन 1994 में एक स्व तंत्र संस्थाक के रूप में अपनी शुरूआत से इन्डीनपेंडेट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईपीपीएआई) का मकसद यह रहा है कि भारत में विद्युत क्षेत्र के विकासार्थ अति महत्वआपूर्ण मुद्दों की पड़ताल के लिए एक तटस्थी मंच उपलब्धक करवाया जाए ।

जलविद्युत एसजेवीएन की मूलभूत शक्ति का आधार है तथा कंपनी हिमाचल प्रदेश में भारत के सबसे बड़े 1500 मेगावाट के जलविद्युत स्टेवशन का शानदार निष्पा दन कर रही है I कंपनी का हिमाचल प्रदेश में 412 मेगावाट का रामपुर जलविद्युत स्टेदशन नामक एक अन्या जलविद्युत स्टे शन है I

इन जलविद्युत स्टे शनों के अतिरिक्तत एसजेवीएन की महाराष्ट्र में 47.6 मेगावाट की खिरवीरे पवन विद्युत परियोजना तथा गुजरात में 5 मेगावाट की चरंका सौर विद्युत परियोजना पहले से ही प्रचालन में है I एसजेवीएन नेपाल, भूटान, हिमाचल प्रदेश, उत्तमराखंड, बिहार तथा गुजरात में 10 अन्य परियोजनाओं का कार्यान्वनयन कर रहा है I एसजेवीएन पहले ही पवन विद्युत, ताप विद्युत तथा विद्युत पारेषण में विविधीकरण कर चुका है तथा वर्तमान में 2000 मेगावाट बिजली का उत्पा दन कर रहा है ।
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