संक्षिप्त विवरण

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भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के एक संयुक्‍त उपक्रम के रूप में एक मिनी रत्‍नः श्रेणी-I एवं शेड्यूल-'ए' सीपीएसई के तौर पर एसजेवीएन की स्‍थापना 24 मई,1988 को हुई I एसजेवीएन अब एक सूचीबद्ध कंपनी है जिसमें भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार एवं जनता की क्रमशः 64.46%, 25.51% एवं 10.03% शेयरहोल्डिंग है I एसजेवीएन की मौजूदा अभिदत्‍त एवं अधिकृत पूंजी क्रमशः 4136.63 करोड़ रुपए एवं 7000 करोड़ रुपए है I कंपनी की मौजूदा नेटवर्थ 10,203.04 करोड़ रुपए है I

कंपनी ने एकल परियोजना एवं एकल राज्‍य (अर्थात हिमाचल प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन) प्रचालन से शुरूआत करके हिमाचल प्रदेश में 412 मेगावाट का रामपुर जलविद्युत स्‍टेशन तथा महाराष्‍ट्र में 47.6 मेगावाट की खिरवीरे पवन विद्युत परियोजना नामक दो परियोजनाओं को कमीशन किया है I एसजेवीएन वर्तमान में भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखण्‍ड, बिहार, गुजरात, राजस्‍थान तथा अरूणाचल प्रदेश के अलावा पड़ोसी देशों नेपाल एवं भूटान में विद्युत परियोजना का कार्यान्‍वयन कर रहा है I

पोर्टफोलियोः

एसजेवीएन की मौजूदा स्‍थापित क्षमता 1959.6 मेगावाट (इसमें 1912 मेगावाट जलविद्युत तथा 47.6 मेगावाट पवन विद्युत) है I

एसजेवीएन ने अपने फलक का विस्‍तार किया है और इसकी खुद को ऊर्जा के सभी प्रकार के पारंपरिक एवं अपारंपरिक रूपों में तथा विद्युत पारेषण के क्षेत्र में एक पूर्णतः विविधीकृत अंतर्राष्‍ट्रीय विद्युत क्षेत्र कंपनी के रूप में विकसित करने की योजना है I कंपनी वर्तमान में कुल 3237 मेगावाट (निर्माण की विभिन्‍न अवस्‍थाओं में) क्षमता की 11 जलविद्युत परियोजनाओं (8 परियोजनाएं – भारत में 1167 मेगावाट, पड़ोसी देशों नेपाल एवं भूटान में 2070 मेगावाट की 3 परियोजनाएं) तथा बिहार राज्‍य के बक्‍सर में एक 1320 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही है I एसजेवीएन ने सौर्य ऊर्जा कंपनी ऑफ राजस्‍थान लिमिटेड (एसयूसीआरएल) के साथ राजस्‍थान राज्‍य में जोधपुर तथा जैसलमेर में बनाए जा रहे सौर पार्कों में भूमि के आबंटनार्थ दिनांक 03/12/2015 को एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए हैं तथा इन सौर पार्कों में संचित 300 मेगावाट की स्‍थापना की योजना हैI एसजेवीएन ढालकेबार (नेपाल) एवं मुजफ्फरपुर (भारत) के मध्‍य 86 कि.मी. लंबी 400 केवी डबल सर्किट भारत नेपाल क्रॉस बार्डर पावर ट्रांसमिशन गलियारे के निर्माणार्थ पावर ग्रिड, आईएलएंडएफएस तथा नेपाल इलेक्‍ट्रीसिटी अथॉरिटी के साथ क्रॉस बार्डर ट्रांसमिशन कंपनी(सीपीटीसी) में एक संयुक्‍त उपक्रम भागीदार भी है I उपरोक्‍त के अतिरिक्‍त कंपनी नेपाल में इसकी 900 मेगावाट की अरुण-3 परियोजना के लिए 310 कि.मी. लंबी 400 के.वी. डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाईन को भी कार्यान्वित कर रही है I

उत्‍तराखण्‍ड में नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना (60 मेगावाट) तथा नेपाल में अरुण-III जलविद्युत परियोजना (900मेगावाट) सभी मंजूरियां प्राप्‍त करने के साथ निवेश निर्णय की प्रक्रिया में है, जबकि निर्माणपूर्व गतिविधियों के लिए निवेश निर्णय तथा परियोजनाओं के सर्वेक्षण तथा अन्‍वेषण संबंधी बाकी अन्‍य वैधानिक मंजूरियां भी प्रगति पर है I

अधीनस्‍थ कंपनियां

  • एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्रा.लिमिटेड (एसएपीडीसी) –नेपाल में 900 मेगावाट की अरुण-3 परियोजना के कार्यान्‍वयन के लिए नेपाल में स्‍थापित पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली अधीनस्‍थ कंपनी I

  • एसजेवीएन थर्मल प्रा. लिमिटेडः –बिहार में 1320 मेगावाट की बक्‍सर ताप विद्युत परियोजना के निष्‍पादन के लिए स्‍थापित पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली अधीनस्‍थ कंपनी I

संयुक्‍त उपक्रम

  • क्रॉस बार्डर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड(सीपीटीसी)-मुजफ्फरपुर नेपाल कनेक्‍शन बिन्‍दु से 86 कि.मी. लंबी ट्वीन मूस, 400 के.वी. डी.सी. ट्रांसमिशन लाईन तथा मुजफ्फरपुर सब स्‍टेशन में बे-एक्‍सेंटशन के निर्माण तथा रखरखाव के लिए I

  • खोलोंगचू हाईड्रो एनर्जी लिमिटेड -भूटान में 600 मेगावाट की खोलोंग्‍चू जलविद्युत परियोजना के निष्‍पादन हेतु I

  • बंगाल बीरभूम कोल फील्डस् लिमिटेड - एसजेवीएन की बक्‍सर ताप विद्युत परियोजना सहित छः उपक्रमों को आबंटित कोल ब्‍लॉक से कोयला निकालने के लिए I

वित्‍तीय निष्‍पादनः

गत वित्‍तीय वर्ष 2015-16 के लिए कंपनी की कुल आय 2,908.21 करोड़ रुपए तथा कर पश्‍चात अर्जित लाभ 1,408.48 करोड़ रुपए था I वर्ष 2015-16 के लिए एसजेवीएन ने 455.03 करोड़ रुपए का लाभांश (लाभांश कर को छोड़कर) घोषित किया है I


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