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एसजेवीएन लिमिटेड विद्युत मंत्रालय के नियंत्रणाधीन एक शेड्यूल–'ए' मिनी रत्न श्रेणी-। सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है जिसकी स्थापना 24 मई,1988 को भारत सरकार तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में की गई थी । एसजेवीएन अब एक सूचीबद्ध कंपनी है जिसमें उसके शेयरहोल्डर पैटर्न के तहत भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार एवं जनता का क्रमशः 59.92% , 26.85% एवं 13.23% का इक्विटी अंशदान शामिल है । एसजेवीएन की मौजूदा भुगतान की गई पूंजी तथा अधिकृत शेयर पूंजी क्रमशः 3929.80 करोड़ तथा 7000 करोड़ रूपए है । एसजेवीएन की कुल पूंजी दिनांक 31.03.2022 को 13128.61 करोड़ रूपए है ।

कंपनी ने एकल परियोजना तथा एकल राज्य परिचालन(यथा हिमाचल प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन) से अपनी शुरूआत कर कुल 2091.5 मेगावाट की स्थापित क्षमता की आठ परियोजनाओं की कमीशनिंग कर ली है । एसजेवीएन वर्तमान में भारत के पड़ोसी देशों जैसे  नेपाल तथा भूटान के अलावा भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश तथा गुजरात में विद्युत परियोजनाओं का निष्पादन कर रहा है ।

पोर्टफोलियो

एसजेवीएन का लक्ष्य 2023 तक 5000 मेगावाट कंपनी, 2030 तक 25000 मेगावाट कंपनी और 2040 तक 50000 मेगावाट कंपनी बनना है। वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 41396 मेगावाट है, जिसमें से 2016.5 मेगावाट परिचालन में, 3926 मेगावाट निर्माणाधीन, 17746 मेगावाट पूर्व-निर्माण के अधीन और सर्वेक्षण और जांच चरण में है। अरुणाचल प्रदेश के दिबांग बेसिन में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पहचानी गई 5097 मेगावाट की क्षमता की परियोजनाएं और 12610 मेगावाट क्षमता की पंप स्टोरेज परियोजनाएं (पीएसपी) आवंटन के अधीन हैं।

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नाथपा झाकरी एचपीएस

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रामपुर एचईपी

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खिरवीरे पवन विद्युत परियोजना

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चारणका सौर पीवी पावर स्टेशन

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400 केवी, डी / सी क्रॉस सीमा ट्रांसमिशन लाइन

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सादला पवन ऊर्जा परियोजना

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एनजेएचपीएस पर कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र

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पारासन सौर ऊर्जा स्टेशन, उत्तर प्रदेश (75 मेगावाट)

एसजेवीएन का लक्ष्य 2023 तक 5000 मेगावाट कंपनी, 2030 तक 25000 मेगावाट कंपनी और 2040 तक 50000 मेगावाट कंपनी बनना है। वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 41396 मेगावाट है, जिसमें से 2016.5 मेगावाट परिचालन में, 3926 मेगावाट निर्माणाधीन, 17746 मेगावाट पूर्व-निर्माण के अधीन और सर्वेक्षण और जांच चरण में है। अरुणाचल प्रदेश के दिबांग बेसिन में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पहचानी गई 5097 मेगावाट की क्षमता की परियोजनाएं और 12610 मेगावाट क्षमता की पंप स्टोरेज परियोजनाएं (पीएसपी) आवंटन के अधीन हैं।

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नैटवार मोरी एचईपी

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अरुण-III एचईपी

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धौलासिद्ध एचईपी

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खोलोंग्चू एचईपी

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बक्सर ताप विद्युत परियोजना

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लुहरी स्टेज- I एचईपी

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शियाल सौर ऊर्जा परियोजना, गुजरात (70 मेगावाट)

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बथनाहा नेपाल को 900 मेगावाट अरुण III परियोजना से बिजली की निकासी के लिए 400 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन

एसजेवीएन का लक्ष्य 2023 तक 5000 मेगावाट कंपनी, 2030 तक 25000 मेगावाट कंपनी और 2040 तक 50000 मेगावाट कंपनी बनना है। वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 41396 मेगावाट है, जिसमें से 2016.5 मेगावाट परिचालन में, 3926 मेगावाट निर्माणाधीन, 17746 मेगावाट पूर्व-निर्माण के अधीन और सर्वेक्षण और जांच चरण में है। अरुणाचल प्रदेश के दिबांग बेसिन में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पहचानी गई 5097 मेगावाट की क्षमता की परियोजनाएं और 12610 मेगावाट क्षमता की पंप स्टोरेज परियोजनाएं (पीएसपी) आवंटन के अधीन हैं।

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जखोल सांकरी एचईपी

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सुन्नी बांध एचईपी

एसजेवीएन का लक्ष्य 2023 तक 5000 मेगावाट कंपनी, 2030 तक 25000 मेगावाट कंपनी और 2040 तक 50000 मेगावाट कंपनी बनना है। वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 41396 मेगावाट है, जिसमें से 2016.5 मेगावाट परिचालन में, 3926 मेगावाट निर्माणाधीन, 17746 मेगावाट पूर्व-निर्माण के अधीन और सर्वेक्षण और जांच चरण में है। अरुणाचल प्रदेश के दिबांग बेसिन में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पहचानी गई 5097 मेगावाट की क्षमता की परियोजनाएं और 12610 मेगावाट क्षमता की पंप स्टोरेज परियोजनाएं (पीएसपी) आवंटन के अधीन हैं।

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लुहरी स्टेज II एचईपी

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देवसरी एचईपी

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जंगी थोपान पवारी एचईपी

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बरदंग एचईपी

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रिओली दुगली एचईपी

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पुर्थी एचईपी

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एटालिन एचईपी

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अटुनलि एचईपी

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एमिनी एचईपी

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मिहुमदोन एचईपी

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अमूलिन एचईपी

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तांडी राशिल एचईपी

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सच खास एचईपी

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लोअर अरुण एचईपी

ट्रांसमिशन परियोजना पोर्टफोलियो:

एसजेवीएन ने पावर ग्रिड, आईएलएंडएफएस तथा नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के साथ संयुक्‍त उपक्रम- क्रॉस बार्डर पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीपीटीसी) में 19.02.2016 को सुरसंद (भारत-नेपाल सीमा) तथा मुजफ्फरपुर के मध्‍य 86 सीकेएम 400 केवी डबल सर्किट इंडो-नेपाल क्रॉस बार्डर पावर ट्रांसमिशन कॉरिडोर को कमीशन किया I इसे भारत एवं नेपाल के माननीय प्रधानमंत्रियों द्वारा संयुक्त रूप से 20.02.2016 को दोनों राष्ट्रों को समर्पित किया गया था I उपरोक्त के अलावा, कंपनी भारत-नेपाल सीमा पर इसकी 900 मेगावाट की अरुण-3 परियोजना के लिए 217 कि.मी. की 400 केवी डबल सर्किट एसोसिएटिड ट्रांसमिशन लाईन, अरुण -3 एचईपी पॉट हेड यार्ड से बथनाहा तक के कार्यान्वयन में लगी हुई है।

अधीनस्‍थ कंपनियां

एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्रा.लिमिटेड (एसएपीडीसी)

नेपाल में 900 मेगावाट की अरुण-3 परियोजना और संबद्ध पारेषण प्रणाली के कार्यान्‍वयन के लिए नेपाल में स्‍थापित पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली अधीनस्‍थ कंपनी I

 669 मेगावाट की लोवर अरुण जल विद्युत परियोजना का समझौता ज्ञापन नेपाल सरकार के साथ 11.07.21 को हस्ताक्षरित किया  I


एसजेवीएन थर्मल प्रा. लिमिटेड (एस टी पी एल)

बिहार में 1320 मेगावाट की बक्‍सर ताप विद्युत परियोजना के निष्‍पादन के लिए स्‍थापित पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली अधीनस्‍थ कंपनी I

एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एस जी ई एल)

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में क्षमता वृद्धि के लिए पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्‍थ कंपनी ।

संयुक्‍त उपक्रम

क्रॉस बार्डर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड(सीपीटीसी)

भारत और नेपाल सीमा पर सुरसंड से मुजफ्फरपुर, 86 किलोमीटर लंबी, 400 केवी डी/सी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण तथा अनुरक्षण के लिए क्रमशः आईईडीसीएल, पावर ग्रिड, एसजेवीएन एवं एनईए के क्रमशः 38%, 26%, 26% और 10% में इक्विटी भागीदारी से युक्‍त एक संयुक्‍त उपक्रम है।

खोलोंगचू हाईड्रो एनर्जी लिमिटेड

भूटान में 600 मेगावाट की खोलोंगछु हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निष्पादन के लिए 50:50 इक्विटी अंशदान के साथ भूटान के ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन के साथ एक संयुक्त उपक्रम है । 


वित्‍तीय निष्‍पादन

वित्‍तीय वर्ष 2021-22 के लिए कंपनी की कुल आय 2625.54 करोड़ रुपए तथा कर पश्‍चात अर्जित लाभ 977.52 करोड़ रुपए था I  एसजेवीएन ने वित्‍तीय वर्ष 2021-22 के लिए कुल लाभांश 668.07 करोड़ रुपए घोषित किया है I

एसजेवीएन-एक मिनी रत्‍न कंपनी

भारत सरकार ने एसजेवीएन लिमिटेड को वर्ष 2008 में प्रतिष्ठित 'मिनी रत्‍नः श्रेणी- I' का दर्जा प्रदान किया था I

एसजेवीएन-शेड्यूल'ए' कंपनी

सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए, गुणात्म क एवं मात्रात्मिक दोनों मानकों को पूरा करने पर एसजेवीएन को 2008 में शेड्यूल 'ए' पीएसयू के रूप में अपग्रेड किया गया I