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श्री पार्थजीत डे

Sh. Parthajit De

श्री पार्थजीत डे

निदेशक(वित्‍त)

श्री पार्थजीत डे ने दिनांक 19 मार्च 2026 को एसजेवीएन लिमिटेड के निदेशक (वित्त) का पदभार ग्रहण किया। निदेशक (वित्त), एसजेवीएन लिमिटेड के रूप में अपनी नियुक्ति से पूर्व, श्री पार्थजीत डे कारपोरेट कार्यालय, एनएचपीसी लिमिटेड में कारपोरेट लेखा एवं नीति अनुभाग, कारपोरेट कर प्रकोष्ठ तथा कर्मचारी संलाभ ट्रस्टों के प्रभारी रहे तथा लोकतक डाउनस्ट्रीम हाइड्रोइलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचपीसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी) के निदेशक मंडल में अभिनामित निदेशक के रूप में कार्यरत रहे।  

श्री पार्थजीत डे अर्हता-उपरांत लगभग 30 वर्षों के अनुभव के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) के सह-सदस्य हैं। श्री पार्थजीत डे अधिकृत वित्तीय विश्लेषक भी हैं तथा चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स, यूके से सीजीएमए भी की है।

श्री पार्थजीत डे ने अपने करियर का आरंभ एनएचपीसी में प्रशिक्षु कार्यपालक (वित्त) के रूप में नवंबर, 1998 में किया और एनएचपीसी में 27 से अधिक वर्षों के अपने व्यावसायिक कार्यकाल के दौरान इन्होंने वित्त के प्रमुख क्षेत्रों सहित कारपोरेट लेखा, कराधान, ट्रस्टों तथा अनुबंध में व्यापक विशेषज्ञता हासिल की है। इनका व्यापक अनुभव भारतीय लेखा मानकों, कराधान, टैरिफ विनियमों तथा कारपोरेट अभिशासन  की गहन समझ को समाहित करता है, जो विद्युत परियोजनाओं की आयोजना, विकास एवं प्रचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इन्हें परियोजना स्थलों तथा कारपोरेट कार्यालय, दोनों स्तरों पर कार्य करने का गहन अनुभव प्राप्त है। एनएचपीसी के साथ इनकी यात्रा रंगीत परियोजना, सिक्किम से प्रारंभ हुई और  इसके पश्चात इन्होंने तीस्ता लो डैम परियोजनाओं, पश्चिम बंगाल,  सियांग बेसिन परियोजनाओं, अरुणाचल प्रदेश तथा ग्रामीण सड़क परियोजना, बिहार में कार्य किया, जहां इन्होंने परियोजनाओं के पूंजीकरण सहित  नई परियोजनाओं में वित्तीय प्रणालियों की स्थापना आदि में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई। कारपोरेट कार्यालय में इन्होंने वर्ष 2016-17 में भारतीय लेखा मानकों को पहली बार अपनाने हेतु गठित समिति का नेतृत्व किया।

कारपोरेट लेखा एवं नीति के प्रमुख के रूप में इनके कार्यकाल के दौरान, एनएचपीसी  के वित्तीय विवरणों को लगातार नौ वर्षों तक (2016-17 से अब तक) सी एंड एजी से 'शून्य टिप्पणियाँ'  प्राप्त हुई और  इन्हें इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से वर्ष 2019-20 में 'वित्तीय रिपोर्टिंग में उत्कृष्टता' के लिए सिल्वर शील्ड,  वर्ष 2020-21 में गोल्ड शील्ड  और साउथ एशियन फेडरेशन ऑफ अकाउंटेंट्स से वर्ष 2020-21 में 'सर्वश्रेष्ठ वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुतीकरण’ के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इन्हें वित्तीय प्रणालियों की गहन समझ है तथा वर्ष 2022 में एनएचपीसी  के 'वित्त नियमावलियों' के संशोधन और अद्यतनीकरण में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका के अतिरिक्त टैरिफ विनियमों और लेखा मानकों के अपने गहन ज्ञान के माध्यम से कंपनी के लिए मूल्य संवर्धन का कार्य भी किया।

एक अनुभवी वित्त पेशेवर के रूप में श्री पार्थजीत डे उन प्रक्रियाओं और प्रणालियों को स्थापित करने के लिए एक विशिष्ट स्थिति में है, जो जोखिम को कम करने, व्यावसायिक विकास सुनिश्चित करने, संसाधनों का इष्टतम उपयोग करने और स्थायी प्रथाओं, सत्यनिष्ठा, अनुपालना एवं पारदर्शिता को अंतर्निविष्ट करती है।