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श्री भूपेन्द्र गुप्ता,

Shri Bhupender Gupta

श्री भूपेन्द्र गुप्ता,

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

श्री भूपेंद्र गुप्ता को 01.05.2025 से एसजेवीएन लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

 

श्री भूपेंद्र गुप्ता ने दिनांक 04.09.2025 से एनएचपीसी लिमिटेड, जो भारत की एक प्रमुख जलविद्युत कंपनी और भारत सरकार का एक 'नवरत्न' उद्यम है, के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का पदभार भी संभाला है। श्री भूपेंद्र गुप्ता के पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री और ऑपरेशंस मैनेजमेंट में एमबीए की डिग्री है। उन्होंने अपने व्यावसायिक करियर का आरंभ वर्ष 1991 में एसीसी लिमिटेड से किया और वर्ष 1995 में एसजेवीएन में शामिल होकर अपने सीपीएसयू करियर की शुरुआत की, जहाँ उन्होंने 12 वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्य किया। इस अवधि के दौरान, श्री गुप्ता भारत की सबसे बड़ी प्रचालनरत जलविद्युत परियोजना-1500 मे.वा. नाथपा झाकड़ी जलविद्युत संयंत्र के इलेक्ट्रोमैकेनिकल उपकरणों की आयोजना, स्थापना और कमीशनिंग के साथ-साथ इसके ओ एंड एम (प्रचालन और रखरखाव) के लिए उत्तरदायी रहे। इन्होंने भूटान में 1020 मे.वा. ताला जलविद्युत परियोजना में भी लगभग तीन वर्षों (2002–2005) तक प्रतिनियुक्ति पर कार्य किया।

 

इसके बाद, इन्होंने मार्च 2007 में आरईसी लि. ज्वाईन किया और लगभग 6 वर्षों तक जलविद्युत और थर्मल परियोजनाओं की प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग से जुड़े रहे। इसके बाद, इन्होंने आरईसी की दो अधीनस्थ कंपनियों— आरईसी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड और आरईसी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में ऑपरेशनल प्रमुख के तौर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान, इन्होंने पूरे भारत में विद्युत क्षेत्र की परियोजनाओं  के निष्पादन, परियोजना प्रबंधन, संविदा प्रबंधन और परामर्श की देखरेख के साथ-साथ, आरईसी को सौंपी गई भारत सरकार की सर्वोत्कृष्ट योजना अर्थात; सौभाग्य, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), पीएमडीपी आदि को सफलतापूर्वक पूरा किया।

 

श्री गुप्ता, इसके बाद में दिसंबर 2020 में प्रतिनियुक्ति पर भूटान स्थित पुनात्सांगछू जलविद्युत परियोजना प्राधिकरण में निदेशक (तकनीकी) के रूप में शामिल हुए और वहाँ इन्होंने चल रही निर्माण गतिविधियों का नेतृत्व किया और दीर्घावधि से लंबित संविदात्मक तथा अन्य मुद्दों का समाधान किया। इसके पश्चात, श्री गुप्ता ने दिनांक 9 जून 2023 को टीएचडीसीआईएल में निदेशक (तकनीकी) के पद पर ज्वाईन किया। श्री गुप्ता ने परियोजना की कमीशनिंग से जुड़ी चुनौतियों और कोविड-19 के प्रभावों से निपटने में रणनीतिक नेतृत्व प्रदान किया, जिससे टीएचडीसीआईएल को खुर्जा एसटीपीपी की यूनिट-1 (660 मे.वा.) की सीओडी सफलतापूर्वक प्राप्त करने में मदद मिली। यूनिट-2 को भी शीघ्र ही कमीशन किया जाना निर्धारित है। श्री गुप्ता ने टिहरी पीएसपी में उन्नत तकनीक (वीएसआई) को कार्यान्वित करने के कारण उत्पन्न हुई प्रमुख सिविल चुनौतियों, पंप-टर्बाइन संचालन संबंधी मुद्दों और कमीशनिंग की बाधाओं को हल करने में सिविल, एचएम और ईएम टीमों का मार्गदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप, टिहरी पीएसपी की यूनिट-1 और 2 (प्रत्येक 250 मे.वा.) का सीओडी सफलतापूर्वक प्राप्त हुआ और शेष यूनिटों को भी शीघ्र ही कमीशन किया जाना निर्धारित है।

 

34 वर्षों से अधिक के शानदार करियर के साथ—जिसमें विद्युत सीपीएसयू में बिताए 31 वर्ष शामिल हैं—श्री गुप्ता ने भारतीय विद्युत क्षेत्र में जलविद्युत, थर्मल, नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन और वितरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनके योगदान में बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ ट्रांसमिशन और वितरण परियोजनाओं की आयोजना, डिज़ाइन, निष्पादन, अनुबंध एवं परियोजना प्रबंधन, और ओ एंड एम शामिल हैं। 

 

श्री गुप्ता का भविष्य का विज़न भारत की बढ़ती विद्युत की मांग को गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित संसाधनों के माध्यम से पूरा करने पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य हमारे देश को ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। यह विज़न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के एकीकरण के साथ-साथ ग्रिड में ईवी का एकीकरण, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोएनर्जी और ऊर्जा भंडारण जैसी अन्य नई और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने के माध्यम से सतत ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने पर भी बल देता है।