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जल विद्युत

एसजेवीएन ने एकल जलविद्युत परियोजना कंपनी से प्रारंभ करके आज हिमाचल प्रदेश उत्‍तराखण्‍ड तथा पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान में जलविद्युत परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन में प्रवेश किया है।एसजेवीएन देश के सबसे बड़े 1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी ज‍लविद्युत स्‍टेशन का सफलतापूर्वक प्रचालन कर रहा है तथा भूमिगत टरबाईनों के हिस्‍सों में सिल्‍ट क्षरण की समस्‍या से निपटने के पश्‍चात वर्ष-दर-वर्ष विद्युत उत्‍पादन और रखरखाव में नए बेंचमार्क स्‍थापित कर रहा है।

विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अरुणाचल प्रदेश के दिबांग बेसिन में स्थित 400 मेगावाट की प्रस्तावित क्षमता के साथ मिहुमदोन एचईपी को दिनांक 22.12.2021 को आवंटित किया गया ।

 

हिमाचल प्रदेश में चिनाब नदी पर स्थित 267 मेगावाट की प्रस्तावित क्षमता वाली सच खास जलविद्युत परियोजना को दिनांक 05.01.2021 को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आवंटित किया गया था।

परियोजना क्षमता को बढ़ाकर 287 मेगावाट किया गया है। सीईए में 06.01.2022 को पहली परामर्श बैठक आयोजित हुई । वर्तमान में परियोजना पूर्व डीपीआर चरण में है।

हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति और चंबा में चिनाब नदी पर स्थित 230 मेगावाट की प्रस्तावित क्षमता वाली पुर्थी जल विद्युत परियोजना को 09.08.2019 को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आवंटित किया गया था। दिनांक 25.09.2019 को हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ टेम्पलेट समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

परियोजना क्षमता को बढ़ाकर 234 मेगावाट कर दिया गया और सीईए को छह प्रारंभिक अध्याय प्रस्तुत किए गए। सीईए में 20.10.2020 को पहली परामर्श बैठक आयोजित हुई । वर्तमान में परियोजना पूर्व-डीपीआर चरण में है।

हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति में चिनाब नदी पर स्थित 430 मेगावाट की प्रस्तावित क्षमता वाली रेओली दुगली जलविद्युत परियोजना दिनांक 23.10.2019 को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आवंटित की गई थी। इसके पश्चात् 06.11.2019 को हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।.

दिनांक 17.07.2020 को सीईए को छह प्रारंभिक अध्याय प्रस्तुत किए गए। 20.10.2020 को सीईए के साथ पहली परामर्श बैठक आयोजित की गई। 456 मेगावाट की संशोधित क्षमता वाली डीपीआर दिनांक 28.12.2021 को सीईए को प्रस्तुत की गई है।

हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति में चिनाब नदी पर स्थित 138 मेगावाट की प्रस्तावित क्षमता के साथ बर्दांग जल विद्युत परियोजना को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 09.08.2019 को आवंटित किया गया था। दिनांक 25.09.2019 को हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ टेम्पलेट समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

परियोजना क्षमता को बढ़ाकर 175 मेगावाट किया गया। सीईए में छह प्रारंभिक अध्याय प्रस्तुत किए गए। सीईए के साथ पहली परामर्श बैठक 06.11.2020 को आयोजित हुई । वर्तमान में परियोजना पूर्व-डीपीआर चरण में है।

हिमाचल प्रदेश के किन्‍नौर जिले में सतलुज नदी पर अवस्थित 780 मेगावाट की प्रस्‍तावित क्षमता के साथ जंगी थोपान पवारी जलविद्युत परियोजना को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 24.11.2018 को आबंटित किया गया था । हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ एमओयू दिनांक 25.09.2019 को हस्‍ताक्षरित किया गया । भारत सरकार से निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए दिनांक 20.05.2021 को 93.24 करोड़ रूपए का निवेश अनुमोदन प्राप्‍त हुआ है।

परियोजना की क्षमता बढ़ाकर 804 मेगावाट की गई और सीईए को 04.10.2019 को छह प्रारंभिक अध्याय प्रस्तुत किए गए। वैधानिक मंजूरियां अनुमोदन हेतु प्रक्रियाधीन है ।

162 मेगावाट की स्‍थापित क्षमता के साथ देवसरी जलविद्युत परियोजना उत्तराखंड के चमोली जिले में गंगा बेसिन में अलकनंदा नदी की एकसहायक नदीपिंडर नदी पर अवस्थित है । परियोजना को रन-ऑफ़-द-रिवर परियोजना के रूप में डिज़ाइन किया गया है तथा90% डिपेन्‍डेबल वर्ष में 556.27 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन करने की क्षमता है।

परियोजना के निष्पादन के लिएउत्तराखंड सरकार के साथ 21 नवंबर, 2005 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

घटक का नामविशेषता
स्‍थान/ क्षमता 
राज्‍य/देशउत्‍तराखंड
स्‍थापित क्षमता (मेगावाट)162 (3x54)
बांध 
प्रकारकंक्रीट ग्रेविटी बांध
ऊंचाई (गहरे नींव स्‍तर से)35.00 मी.
हेड रेस टनल 
आकारसंशोधित हार्स शू
लंबाई17.9 कि.मी.
परिष्‍कृत व्‍यास5.6 मी.
सर्ज शाफ्ट 
प्रकारप्रतिबधित छिद्र आकाश की ओर खुला
गहराई140.72 मी.
व्‍यास16 मी. (मुख्य शॉफ्ट)
विद्युत गृह 
प्रकारभूमिगत
आकार80.00 मी. (लं.) x 20.00 मी. (चौ.) x 43.42 मी. (ऊं.)
टरबाईन का प्रकारवर्टिकल एक्सिस फ्रांसिस
कुल हेड230.42 मी.
टेलरेस टनल/चैनल 
लंबाई/व्‍यास152 मी. / 6.9 मी.

देवसरी जलविद्युत परियोजना में 70:30 ऋण-इक्विटी के अनुपात में वित्त-पोषण व्‍यवस्‍था है। परियोजना की अनुमानित लागत दिसंबर, 2019 मूल्य स्तर पर 1387.37 करोड़ रुपए है।
 

क्र. सं.विवरणदिनांक
1.एसजेवीएनएल तथा उत्‍तराखण्‍ड सरकार के बीच निष्‍पादन समझौता21.11.2005
2.ईआईए/ईएमपी रिपोर्ट को अंतिम रूप देना30.10.2010
3.डीपीआर की टीईसी (252 मेगावाट की स्थासपित क्षमतानुसार)07.08.2012
4.कुछ शर्तों के साथ पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा चरण-I वन मंजूरी26.02.2018
5.शर्तों के अध्‍यधीन ईएसी, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा पर्यावरण मंजूरी की सिफारिश27.03.2018
6.पीसीसीएफ, उत्‍तराखंड द्वारा कैट योजना का अनुमोदन25.08.2018
7.निजी भूमि का अवार्ड10.07.2019
8.संशोधित ई-प्रवाहानुसार सीईए को 9 पूर्व डीपीआर अध्या्यों की प्रस्तुति26.12.2019
9.निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए पीआईबी ज्ञापन प्रस्तुत करना।15.04.2021

लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-II (172 मेगावाट) हि.प्र. के शिमला, कुल्‍लू और मंडी जिलों में नंज गांव के समीप सतलुज नदी पर एक रन-ऑफ-रिवर परियोजना है । परियोजना से एक 90% विश्‍वसनीय वर्ष में 632 मिलियन विद्युत उत्‍पादन का अनुमान है । भारत सरकार से निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए दिनांक 16.03.2018 को 72.478 करोड़ रूपए का निवेश अनुमोदन प्राप्‍त हुआ है। हि.प्र. सरकार के साथ एमओयू दिनांक 25.09.2019 को हस्‍ताक्षरित किया गया ।

वैधानिक मंजूरियां अनुमोदन हेतु प्रक्रियाधीन है ।

परियोजना का वित्‍त पोषण 70:30 के ऋण इक्विटी अनुपात में किया जाएगा । मार्च,2017 के मूल्‍य स्‍तर पर परियोजना की आकलित लागत 1182.90 करोड़ रूपए है।

 

घटक का नामविशेषताएं
स्‍थान/प्रकार/क्षमता 
राज्‍य/देशहि.प्र.
स्‍थापित क्षमता (मेगावाट)172 (5x32 + 1x12)
बांध 
प्रकारकंक्रीट ग्रैविटी
ऊंचाई (रीवर बेड स्‍तर से)41.00 मी.
प्रेशर शॉफ्ट/पेन स्‍टॉक 
संख्‍या3/6
विद्युत गृह 
प्रकारभूमिगत
सं./उत्‍पादन इकाईयों की क्षमता6 इकाई (5x32 + 1x12) मेगावाट
टरबाईन का प्रकारकपलान / 6
डिजाईन हेड29.37 मी.
क्र. सं.विवरणति‍थि
1.''स्‍टैंड एलोन बेसिस'' पर हि.प्र. सरकार द्वारा एसजेवीएन को सभी तीन चरणों/परियोजनाओं का आबंटन29.08.2017
2.भारत सरकार से निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए निवेश अनुमोदन16.03.2018
3.पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से टीओआर का अनुमोदन09.04.2018
4.सीईए के साथ पहली परामर्श बैठक11.06.2018
5.ईआईए/ईएमपी अध्‍ययनों को अवार्ड करना27.06.2018
6.एसआईए अध्‍ययन करवाने के लिए हि.प्र. सरकार को आवेदन प्रस्‍तुत करना29.09.2018
7.वन भूमि के हस्‍तांतरण के लिए आवेदन प्रस्‍तुत करना08.10.2018
8.एसआईए रिपोर्ट अवार्ड करना18.07.2019
9.हि.प्र. सरकार के साथ एमओयू हस्ताकक्षरित करना25.09.2019
10.ड्रिफ्ट संकार्य पूर्ण करना30.10.2019

44 मेगावाट की उत्‍पादन क्षमता वाली जाखोल सांकरी जलविद्युत परियोजना उत्‍तराखंड के उत्‍तरकाशी जिले में गंगा बेसिन पर यमुना नदी की टौंस नदी की प्रमुख सहायक नदी सुपिन पर स्थित है। इस परियोजना को रन-ऑफ-दि-रिवर परियोजना के रूप में डिजाईन किया गया है तथा इसकी एक वर्ष में 166 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन की क्षमता है। इस परियोजना के निष्‍पादन के लिए दिनांक 21 नवम्‍बर,2005 को उत्‍तराखंड सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए।

भारत सरकार ने परियोजना की निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए दिनांक 15.09.2017 को 84.50 करोड़ रूपए की आकलित लागत की निवेश मंजूरी प्रदान की है।

घटक का नामविशेषताएं
स्‍थान/प्रकार/क्षमता 
राज्‍य/देशउत्‍तराखंड
स्‍थापित क्षमता (मेगावाट)44 (2 x 22)
बांध 
प्रकारबैराज
ऊंचाई (गहरी नींव स्‍तर से)17.00 मी.
डिसिल्टिंग प्रबंधन 
प्रकारभूमिगत समानान्‍तर चैम्‍बर
नं. एवं आकार2, 100.00 मी. (लं.) x 12 मी. (चौ.) x 12.27 मी. (ऊं.)
हेडरेस टनल 
आकारसंशोधित हार्स शू
लंबाई6.62 कि.मी.
परिष्‍कृत व्‍यास3.0 मी.
सर्ज शाफ्ट 
प्रकारप्रतिबंधित छिद्र/यूजी
गहराई42.87 मी.
व्‍यास7.5 मी.
विद्युत गृह 
प्रकारभूमिगत
आकार61.00 मी. (लं.) x 17.39 मी. (चौ.) x 34.75 मी. (ऊं.)
टरबाईन का प्रकारपेलटोन
डिजाईन हेड436.36 मी.
टेलरेस टनल/चैनल 
लंबाई/व्‍यास155.52 मी./3.5 मी. (चौ.) x 3.75 मी. (ऊं.)

परियोजना का वित्‍त पोषण 70:30 के ऋण इक्विटी अनुपात पर होगा। उत्‍तराखंड सरकार द्वारा डीपीआर की टीईए के अनुसार अप्रैल,2016 के मूल्‍य स्‍तर पर परियोजना की लागत 477.15 करोड़ रुपए है ।
 

क्र. सं.विवरणति‍थि
1.परियोजना के निष्‍पादन के लिए एसजेवीएन तथा उत्‍तरांचल सरकार के मध्‍य समझौते पर हस्‍ताक्षर21.11.2005
2.उत्‍तराखंड सरकार को डीपीआर प्रस्‍तुत की गई29.12.2011
3.एनबीडब्‍ल्‍यूएल से एनओसी19.09.2016
4.ईआईए/ईएमपी अध्‍ययनार्थ कार्य अवार्ड18.11.2016
5.भारत सरकार से निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए निवेश मंजूरी15.09.2017
6.उत्‍तराखंड सरकार ने डीपीआर की टीईए को 03.06.2019 को मंजूरी दे दी है03.06.2019
7.उत्‍तराखंड सरकार द्वारा एसआईए अध्‍ययन को मंजूर26.06.2019
8.एलएआरआर अधिनियम के भाग-11 के तहत अधिसूचना जारी करना17.07.2019
9.पर्यावरण मंजूरी के लिए ईएसी, एमओईएफ & सीसी की सिफारिश26.12.2019

सुन्‍नी बांध जलविद्युत परियोजना एक रन-ऑफ-रिवर प्रकार की परियोजना है। यह परियोजना हि. प्र. के शिमला और मंडी जिलों में खैरा गांव के समीप सतलुज नदी पर स्थित है। यह परियोजना 90% विश्‍वसनीय वर्ष में 1369 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन के लिए आकलित है।

भारत सरकार द्वारा निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए दिनांक 18.04.18 को निवेश अनुमोदन प्रदान किया गया। वैधानिक मंजूरियां अनुमोदन हेतु प्रक्रियाधीन है।

घटक का नामविशेषताएं
सुन्‍नी बांध परियोजना 
स्‍थान/प्रकार/क्षमता 
राज्‍य/देशहि.प्र.
स्‍थापित क्षमता (मेगावाट)382 (5x73 + 1x17)
बांध 
प्रकारकंक्रीट ग्रेविटी
ऊंचाई (गहरी नींव स्‍तर से)83.00 मी.
प्रेशर शॉफ्ट/पेन स्‍टॉक 
संख्‍या3/6
व्‍यास190.00 मी.
विद्युत गृह 
प्रकारभूमिगत
सं./उत्‍पादन इकाईयों की क्षमता6 इकाईयां / (5x73 + 1x17) मे.वा.
टरबाईन के प्रकारफ्रांसिस / 6
कुल हेड57.85 मी.

परियोजना का वित्‍त पोषण 70:30 के ऋण इक्विटी अनुपात में किया जाएगा । निवेश अनुमोदन के लिए विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार को प्रस्तुत पीआईबी ज्ञापन के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत मार्च, 2021 मूल्य स्तर पर रु. 2614.51 करोड़ है ।
 

क्र. सं.विवरणति‍थि
1.''स्‍टैंड एलोन बेसिस'' पर हि.प्र. सरकार द्वारा एसजेवीएन को सभी तीन चरणों/परियोजनाओं का आबंटन29.08.2017
2.सीईए के साथ पहली परामर्शक बैठक17.08.2017
3.वन्‍य जीव एवं हि. प्र. लो. नि. विभाग से एनओसी06.01.2018 एवं 21.03.2018
4.भारत सरकार से निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए निवेश अनुमोदन18.04.2018
5.हि.प्र. सरकार के साथ एमओयू हस्तानक्षरित करना25.09.2019
6.पर्यावरण मंजूरी के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की सिफारिश07.01.2021
7.निजी भूमि अधिग्रहण के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा धारा -11 के तहत अधिसूचना जारी करना19.01.2021
8.डीपीआर की टीईसी11.02.2021
9.निवेश अनुमोदन के लिए विद्युत मंत्रालय को पीआईबी प्रस्ताव प्रस्तुत करना09.03.2021
10.हिमाचल प्रदेश से CAT plan की स्वीकृति01.04.2021
11.सिविल और एचएम कार्यों के लिए ईपीसी पैकेज के लिए एनआईटी20.04.2021
12.पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा वन मंजूरी चरण-122.12.2021
13.माननीय प्रधानमंत्री जी की उपस्थिति में परियोजना का ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह27.12.2021