एसजेवीएन ने एकल जलविद्युत परियोजना कंपनी से प्रारंभ करके आज हिमाचल प्रदेश उत्तराखण्ड तथा पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान में जलविद्युत परियोजनाओं के कार्यान्वयन में प्रवेश किया है।एसजेवीएन देश के सबसे बड़े 1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन का सफलतापूर्वक प्रचालन कर रहा है तथा भूमिगत टरबाईनों के हिस्सों में सिल्ट क्षरण की समस्या से निपटने के पश्चात वर्ष-दर-वर्ष विद्युत उत्पादन और रखरखाव में नए बेंचमार्क स्थापित कर रहा है।
- अप्रैल-2025 से सितंबर-2025 तक के समय के लिए एनवायरनमेंट क्लीयरेंस में तय शर्तों की छह महीने की कम्प्लायंस रिपोर्ट
- अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल-2024 से सितंबर-2024 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर-2023 से मार्च 2024 तक की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल-2023 से सितंबर-2023 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर, 2022 से मार्च 2023 की अवधि के लिए पर्यावरण पहलुओं के अनुपालन पर छमाही निगरानी रिपोर्ट
- अप्रैल, 2022 से सितंबर, 2022 की अवधि के लिए पर्यावरण पहलुओं के अनुपालन पर छमाही निगरानी रिपोर्ट
- अप्रैल 2022 से सितंबर 2022 तक देवता रेंज खनन क्षेत्र में पर्यावरण मंजूरी की अर्धवार्षिक अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल 2022 से सितंबर 2022 तक सैंड्रा रेंज खनन क्षेत्र में पर्यावरण मंजूरी की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- सांद्रा रेंज खनन क्षेत्र में अक्टूबर 2021 से मार्च 2022 की अवधि के लिए अर्धवार्षिक अनुपालन रिपोर्ट
- देवता रेंज खनन क्षेत्र में अक्टूबर 2021 से मार्च 2022 की अवधि के लिए अर्धवार्षिक अनुपालन रिपोर्ट
- नैटवर मोरी एचईपी के संबंध में पर्यावरणीय पहलुओं के अनुपालन पर छह मासिक निगरानी रिपोर्ट- अक्टूबर, 2021 - मार्च, 2022 की अवधि के लिए)
- नैटवर मोरी एचईपी, उत्तराखंड के संबंध में हिमाचल प्रदेश में ट्रांसमिशन लाइन के लिए 4.4222 हेक्टेयर भूमि के पथांतरण की वन मंजूरी चरण -I ।
- नैटवार मोरी एचईपी (60 मेगावाट) उत्तराखंड में ट्रांसमिशन लाइन के लिए पेड़ काटने हेतु राज्य सरकार का आदेश।
- नैटवर मोरी एचईपी, उत्तराखंड के संबंध में हिमाचल प्रदेश में ट्रांसमिशन लाइन के लिए 4.4222 हेक्टेयर भूमि के पथांतरण की वन मंजूरी चरण - II ।
- नैटवर मोरी एचईपी, उत्तराखंड के संबंध में ट्रांसमिशन लाइन के लिए 112.24 हेक्टेयर भूमि के विपथन की वन मंजूरी चरण - I ।
- खनन के लिए पर्यावरण मंजूरी
60 मेगावाट की उत्पादन क्षमता वाली नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना उत्तर भारत में उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में यमुना नदी की एक प्रमुख सहायक नदी टोंस पर अवस्थित है। परियोजना को स्टैंडएलोन रन-ऑफ-द रिवर परियोजना के रूप में डिजाइन किया गया है। पूरी परियोजना टोंस नदी के दाहिने किनारे पर है, जो नैटवाड़ गांव के समीप बैराज स्थल तथा बैनोल गांव के समीप विद्युत गृह परिसर तक फैली हुई है। नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना में प्रत्येक वर्ष 265.5 मिलियन यूनिट के विद्युत उत्पादन की क्षमता है। नैटवाड़ मोरी परियोजना के निष्पादनार्थ उत्तराखंड सरकार के साथ 21 नवम्बर, 2005 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर. के. सिंह तथा उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 30.03.2018 को मोरी में परियोजना की आधारशिला रखी।
निम्नलिखित विवरण के अनुसार 3 पैकेजों में सभी प्रमुख कार्य पूरे हो गए हैं और परियोजना की दोनों इकाइयाँ चालू हो गई हैं।
| इकाई क्र. | सिंक्रनाइज़ेशन की तारीख | सीओडी |
|---|---|---|
| इकाई #1 | 14.11.2023 | 24.11.2023 |
| इकाई #2 | 29.11.2023 | 04.12.2023 |
| घटक का नाम | विशेषताएं |
|---|---|
| डायवर्जन संरचना | |
| प्रकार | बैराज |
| ऊंचाई | 18.5 मी. |
| शीर्ष पर बैराज की लंबाई | 50 मी. |
| डिसिल्टिंग टैंक | |
| प्रकार | एक, ट्वीन चैंबर |
| आकार (मी.में) | 130 (लं.) x 25 (चौ.) x 13.5 (ऊं.) |
| हेडरेस टनल | |
| लंबाई | 4.33 कि.मी., मोडिफाईड हार्स शू प्रकार |
| व्यास | 5.6 मी. (परिष्कृत) |
| डिजाईन, डिस्चार्ज | 73.5 मी.3/से. |
| एडिटों की संख्या | 02 नं. |
| भूमिगत सर्ज शाफ्ट | |
| ऊंचाई | 57.33 मी. |
| व्यास | 18 मी. |
| प्रेशर शाफ्ट/पेनस्टॉक | |
| प्रेशर शाफ्ट की सं. | एक (2 शाखाओं में विभाजित) |
| प्रेशर शॉफ्ट का व्यास | विभाजन तक 4.0 मीटर, प्रत्येक शाखा का 2.8 मीटर व्यास |
| प्रेशर शॉफ्ट की लंबाई | विभाजन तक 97.5 मीटर, प्रत्येक शाखा की लंबाई 29 मीटर |
| भूमिगत विद्युत गृह | |
| इकाईयों की संख्या | 02 (30 मेगावाट प्रत्येक) |
| कुल डिजाईन हेड | 90.76 मी. |
| टरबाईन का प्रकार | वर्टिकल फ्रांसिस |
| टेलरेस टनल | |
| आकार | संशोधित हॉर्स-शू |
| साईज | 6.5 मी. (व्यास) |
| लंबाई | 188 मी. |
| टेलरेस चैनल | |
| आकार | समलम्बाकार |
| साईज | धरातल पर 6.0 मी. चौड़ा तथा शीर्ष पर 17.5 मी. चौड़ा x 5.75 मी. (ऊं.) |
परियोजना का वित्त-पोषण 70:30 के ऋण इक्विटी अनुपात पर किया गया है।
| क्रमांक | विवरण | तिथि |
|---|---|---|
| 1. | एसजेवीएन एवं उत्तराखंड सरकार के मध्य निष्पादन करार | 21.11.2005 |
| 2. | डीपीआर की टीईसी | 02.03.2010 |
| 3. | पर्यावरण मंजूरी | 16.06.2016 |
| 4. | चरण-2 वन मंजूरी | 05.08.2016 |
| 5. | "स्थापना हेतु सहमति" के संबंध में आदेश | 04.07.2017 |
| 6. | निवेश स्वीकृति | 16.10.2017 |
| 7. | वन विभाग, उत्तराखंड सरकार के साथ वन भूमि हेतु लीज करार पर हस्ताक्षर | 01.12.2017 |
| 8. | प्रमुख सिविल संकार्यों का अवार्ड | 05.12.2017 |
| 9. | परियोजना की आधरशिला | 30.03.2018 |
| 10. | हाइड्रो मैकेनिकल पैकेज का अवार्ड | 18.04.2018 |
| 11. | इलेक्ट्रो मैकेनिकल पैकेज का अवार्ड | 11.06.2018 |
| 12. | नदी डायवर्जन | 31.01.2019 |
| 13. | संपूर्ण एचआरटी की खुदाई | 05.07.2021 |
| 14. | पावर हाउस की संपूर्ण खुदाई | 29.04.2022 |
| 15. | यूनिट-1 की बॉक्सिंग-अप | 14.10.2022 |
| 16. | सर्ज शाफ्ट लाइनिंग की पूर्णता (आई/सी ग्राउटिंग) | 04.05.2023 |
| 17. | यूनिट-2 की बॉक्सिंग-अप | 22.07.2023 |
| 18. | एचआरटी लाइनिंग की पूर्णता | 28.08.2023 |
| 19. | जलाशय का भराव | 16.09.2023 |
| 20. | यूनिट-1 की मैकेनिकल स्पिनिंग | 27.09.2023 |
| 21. | यूनिट-1 की मैकेनिकल स्पिनिंग | 24.10.2023 |
| 22. | सीओडी (यूनिट-1) | 24.11.2023 |
| 23. | सीओडी (यूनिट-2) | 04.12.2023 |
Etalin HEP with a proposed capacity of 3097 MW located in the Dibang basin of Arunachal Pradesh was allocated on 22.12.2021 by the Ministry of Power, Govt. of India. Project allotted by GoAP on 21.07.2023. Memorandum of Agreement for project development signed with GoAP on 12.08.2023. Transfer of concurrence and extension of validity of DPR upto 31.12.2024 in favour of SJVN accorded by CEA on 09.11.2023. Proposal for Investment approval of the project submitted to MoP on 01.03.2024.
सरकार नेपाल सरकार ने प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से नेपाल में 679 मेगावाट की लोअर अरुण जल विद्युत परियोजना दिनांक 29.01.2021 को आवंटित की है। यह परियोजना पूर्वी नेपाल के संखुवासभा और भोजपुर जिलों में मौजूदा अरुण -3 एचईपी के डाउनस्ट्रीम अरुण नदी पर स्थित है। आईबीएन, नेपाल सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर दिनांक 11.07.2021 को किया गया है।
दिनांक 31.10.2021 को नेपाल सरकार को प्रस्तुत डीपीआर दिनांक 31.03.2022 को स्वीकृत की गयी । दिनांक 19.11.2021 को सीईए में डीपीआर प्रस्तुत की गयी जिसका सीईए द्वारा तकनीकी-आर्थिक मूल्यांकन दिनांक 31.10.2022 को किया गया है ।
- खनिजों के खनन के लिए पर्यावरण मंजूरी
- नीरथ और भद्राश के संबंध में ड्राफ्ट आर एंड आर योजना
- नौला के संबंध में मसौदा ड्राफ्ट आर एंड आर योजना
- 08 मार्च, 2021 की अधिसूचना
- ड्राफ्ट आर और आर योजना
- भूमि का विवरण
- एल.एच.ई.पी-स्टेज I के लिए अंतिम एसआईऐ विशेषज्ञ समूह की रिपोर्ट
- एल.एच.ई.पी-I के संबंध में हिमाचल सरकार के एमपीपी और पावर विभाग द्वारा जारी प्रारंभिक अधिसूचना
- हिमाचल प्रदेश सरकार को प्रधान सचिव (पावर) द्वारा जारी अधिसूचना।
- एसआईए अध्ययन के मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञ समूह की स्वीकृति रिपोर्ट
- सोशल इंपैक्ट मूल्यांकन अध्ययन- फाइनल रिपोर्ट
- ड्राफ्ट सोशल इंपैक्ट मूल्यांकन अध्ययन
- मोइन क्वारी के संबंध में अक्टूबर-2024 से मार्च-2025 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- कोयल खदान के संबंध में अक्टूबर-2024 से मार्च-2025 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
- मोइन क्वारी के लिए अप्रैल-2024 से सितंबर-2024 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- कोयल खदान के लिए अप्रैल-2024 से सितंबर-2024 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर-2023 से मार्च-2024 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल-2023 से सितंबर-2023 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर, 2022 से मार्च 2023 की अवधि के लिए पर्यावरण पहलुओं के अनुपालन पर छमाही निगरानी रिपोर्ट
- अप्रैल, 2022 - सितंबर, 2022 की अवधि के लिए पर्यावरणीय पहलुओं के अनुपालन पर छमाही निगरानी रिपोर्ट
- पर्यावरणीय पहलुओं के अनुपालन पर छह मासिक निगरानी रिपोर्ट-अक्टूबर, 2021 - मार्च, 2022 की अवधि के लिए
- मोइन क्वारी के लिए अप्रैल-2025 से सितंबर-2025 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
एलएचईपी स्टेज-I के कमीशन की तारीख - 1 साल और 207 दिनों में।
लूहरी जलविद्युत परियोजना हि.प्र. के शिमला, कुल्लू तथा मंडी जिलों में सतलुज नदी पर स्थित है। आरंभ में लूहरी जलविद्युत परियोजना को एकल चरण परियोजना के रूप में विचारित किया गया था तथा हि.प्र. सरकार के साथ दिनांक 27.10.2008 को कार्यान्वयन करार पर हस्ताक्षर किए गए थे। हि.प्र. सरकार ने मार्च, 2015 में एसजेवीएन को सामाजिक तथा पर्यावरणीय चिंताओं के कारण लूहरी जलविद्युत परियोजना को एकल चरण के स्थान पर बहु-चरणीय परियोजना के रूप में निष्पादित करने की संभावनाओं का पता लगाने का सुझाव दिया। तदनुसार, रामपुर तथा कोल बांध जलविद्युत परियोजनाओं के मध्य सतलुज नदी की जलविद्युत क्षमता के दोहन हेतु तीन चरणों (यथा लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-I - 210 मेगावाट, लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-II - 172 मेगावाट तथा सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना - 382 मेगावाट) की परिकल्पना की गई। हि.प्र. सरकार ने सभी तीन परियोजनाओं को "स्टैण्ड एलोन बेसिस" पर दिनांक 29.08.2017 को एसजेवीएन को पुनः आबंटित किया। हि.प्र. सरकार के साथ एमओयू दिनांक 25.09.2019 को हस्ताक्षरित किया गया।
लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-I परियोजना हि.प्र. के शिमला और कुल्लू जिलों में नीरथ गांव के समीप सतलुज नदी पर अवस्थित 210 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ एक रन-ऑफ-द-रिवर (आरओआर) परियोजना है। इस परियोजना की 90% विश्वसनीय वर्ष में 758 मि.यू. विद्युत उत्पादन करने की क्षमता है। एमओपी, भारत सरकार ने दिनांक 20.11.2020 को निवेश अनुमोदन के लिए स्वीकृति आदेश जारी किया।
| घटक का नाम | विशेषताएं |
|---|---|
| स्थान/प्रकार/क्षमता | |
| राज्य/देश | हि.प्र. |
| स्थापित क्षमता (मेगावाट) | 210 (2x80+2x25) |
| बांध | |
| प्रकार | कंक्रीट ग्रैविटी |
| ऊंचाई (गहरी नींव स्तर से) | 80.00 मी. |
| प्रेशर शॉफ्ट/पेन स्टॉक | |
| संख्या | मुख्य इकाई = 2 सहायक इकाई = 2 |
| व्यास | 8.0 मी. (मुख्य) एवं 5.0 मी. (सहायक) |
| लंबाई | 84.00 मी. (मुख्य) एवं 98.00 मी. (सहायक) |
| विद्युत गृह | |
| प्रकार | बांध टो सरफेस |
| आकार | 122.00 मी. (लं.) x 50.50 मी. (चौ.) x 65.50 मी. (ऊं.) |
| सं./उत्पादन इकाईयों की क्षमता | मुख्य इकाई = 2x80 मे.वा. सहायक इकाई = 2x25 मे.वा. |
| टरबाईन का प्रकार | कपलान/4 |
| कुल हेड | 37 मी. |
| टेलरेस टनल/चैनल | |
| आकार | ओपन चैनल |
| लंबाई/व्यास | 120 मी./65 मी. चौड़ा |
सीसीईए, भारत सरकार द्वारा 1810.56 करोड़ रुपये की निवेश स्वीकृति परियोजना के कार्यान्वयन के लिए दिनांक 04.11.2020 को दी गई। परियोजना को 80:20 ऋण इक्विटी अनुपात पर वित्तपोषित किया जाएगा। 28.02.2022 को वित्तीय समापन प्राप्त हुआ।
| क्र. सं. | विवरण | तिथि |
|---|---|---|
| 1. | लूहरी जलविद्युत परियोजना (एकल चरण परियोजना) के निष्पादन के लिए एसजेवीएन तथा हि.प्र. सरकार के मध्य कार्यान्वयन करार पर हस्ताक्षर | 27.10.2008 |
| 2. | ''स्टैंड एलोन बेसिस'' पर हि.प्र. सरकार द्वारा एसजेवीएन को सभी तीन चरणों/परियोजनाओं का आबंटन | 29.08.2017 |
| 3. | भारत सरकार से निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए निवेश अनुमोदन | 08.02.2018 |
| 4. | सीईए द्वारा डीपीआर की टीईसी प्रदान की गई | 01.05.2018 |
| 5. | चरण-I वन मंजूरी | 19.09.2018 |
| 6. | एमओईएफ एवं सीसी को फाईनल अनुमोदनार्थ वन भूमि के हस्तांयतरण के लिए मामला प्रस्तुत करना | 24.12.2018 |
| 7. | चरण-II वन मंजूरी | 28.03.2019 |
| 8. | मुख्यं परियोजना संकार्यों के लिए पीआईबी मेमो प्रस्तुवत करना | 15.07.2019 |
| 9. | एमओआरटीएच द्वारा एनएच के डायवर्जन हेतु आकलन का अनुमोदनी | 02.09.2019 |
| 10. | हि.प्र. सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करना | 25.09.2019 |
| 11. | पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से पर्यावरण मंजूरी | 17.03.2020 |
| 12. | राज्य पीसीबी से स्थापना के लिए सहमति | 14.09.2020 |
| 13. | निवेश की मंजूरी के लिए पीआईबी | 16.09.2020 |
| 14. | सीसीईए अनुमोदन | 04.11.2020 |
| 15. | विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निवेश अनुमोदन जारी करना | 20.11.2020 |
| 16. | सिविल और एचएम कार्यों के लिए ईपीसी पैकेज अवार्ड करना | 24.11.2020 |
| 17. | ईएम कार्यों के लिए ईपीसी पैकेज अवार्ड करना | 16.07.2021 |
| 18. | माननीय प्रधान मंत्री द्वारा परियोजना की आधारशिला रखी गई | 27.12.2021 |
- अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल-2024 से सितंबर-2024 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर-2023 से मार्च 2024 तक की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल-2023 से सितंबर-2023 की अवधि के लिए छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर, 2022 से मार्च 2023 की अवधि के लिए पर्यावरण पहलुओं के अनुपालन पर छमाही निगरानी रिपोर्ट
- अप्रैल, 2022 से सितंबर, 2022 की अवधि के लिए पर्यावरण पहलुओं के अनुपालन पर छमाही निगरानी रिपोर्ट
- धौलासिद्ध एचईपी के संबंध में पर्यावरणीय पहलुओं के अनुपालन पर छह मासिक निगरानी रिपोर्ट -अक्टूबर, 2021 - मार्च, 2022 की अवधि के लिए
- अप्रैल-2025 से सितंबर-2025 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
66 मेगावाट की उत्पादन क्षमता के साथ धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में सिंधु बेसिन के अंग ब्यास नदी पर अवस्थित है। यह परियेाजना एक छोटे ताजा भण्डारण के साथ एक रन-ऑफ-दि-रिवर परियोजना के रूप में डिजाईन की गई है, जिसका प्रयोग कम जल प्रवाह अवधि के दौरान पीकिंग विद्युत उत्पादन के लिए किया जाएगा।
इस परियोजना से 90% विश्वसनीय वर्ष में 304 मि.यू. विद्युत उत्पादन की क्षमता है।
| मुख्य विशेषताएं | विवरण |
|---|---|
| डायवर्जन बांध | |
| प्रकार | कंक्रीट ग्रेविटी बांध |
| ऊंचाई | 69.75 मी. (गहरे आधार स्तर से) |
| ऊपर तक बांध की कुल लंबाई | 195.14 मी. |
| पावर इनटेक | 02 नं. |
| डायवर्जन टनल | |
| आकार | डी-आकार |
| व्यास | 10.2 मी. |
| लंबाई | 253 मी. |
| पेनस्टॉक | |
| प्रकार | भूतल |
| नम्बर | 2 |
| व्यास | 4.3 मी. |
| प्रत्येक पेनस्टॉक की लंबाई | 60.50 मी. |
| विद्युत गृह | |
| प्रकार | बाएं किनारे पर बांध के नीचे विद्युत गृह |
| इकाई | 2 (33 मेगावाट प्रत्येक) |
| टरबाईन का प्रकार | वर्टिकल फ्रांसिस |
| डिजाईन डिस्चार्ज | 161.34 मी.³/से. |
| कुल हेड | 46.70 मी. |
| टेलरेस चैनल | |
| प्रकार | ओपन चैनल |
| लंबाई | 69 मी. |
| बेस चौड़ाई | 15 मी. |
भारत सरकार द्वारा दिनांक 01.10.2020 को 687.97 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के लिए निवेश स्वीकृति की गई। परियोजना का वित्त पोषण 80:20 के ऋण इक्विटी अनुपात में किया जाएगा।
| क्र. सं. | विवरण | दिनांक |
|---|---|---|
| 1 | हिमाचल प्रदेश सरकार से टीईसी | 25.06.2011 |
| 2 | चरण-I वन मंजूरी | 06.03.2012 |
| 3 | पर्यावरण मंजूरी | 21.02.2013 |
| 4 | कैट योजना का अनुमोदन | 01.10.2013 |
| 5 | हि.प्र. सरकार द्वारा संशोधित लागत आकलन का अनुमोदनी | 11.05.2018 |
| 6 | हि.प्र. सरकार द्वारा एसआईए अध्ययन की अधिसूचना जारी करना | 08.02.2019 |
| 7 | विद्युत मंत्रालय को संशोधित पीआईबी मेमो प्रस्तुत करना | 18.07.2019 |
| 8 | पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा वन मंजूरी-I को 01.11.2020 तक बढ़ाना | 03.09.2019 |
| 9 | हि.प्र. सरकार के साथ एमओयू हस्ताक्षरित करना | 25.09.2019 |
| 10 | पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा वन मंजूरी चरण-2 | 11.08.2020 |
| 11 | पीआईबी द्वारा निवेश के लिए मंजूरी | 16.09.2020 |
| 12 | भारत सरकार से परियोजना की निवेश स्वीकृति | 01.10.2020 |
| 13 | सिविल और एचएम कार्यों के लिए ईपीसी पैकेज अवार्ड करना | 06.05.2021 |
| 14 | हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना की सहमति | 06.05.2021 |
| 15 | माननीय प्रधान मंत्री द्वारा परियोजना की आधारशिला रखी गई | 27.12.2021 |
900 मेगावाट अरुण-III जलविद्युत परियोजना के बूट आधार पर निष्पादन के लिए नेपाल सरकार के साथ परियोजना के वित्तीय क्लोजर की तिथि से 5 वर्षों की निर्माण अवधि तथा 25 वर्षों की प्रचालन अवधि के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना अरुण नदी पर नेपाल के सांखुवासभा जिले में अवस्थित है जो वाया बिराटनगर काठमाण्डु से 657 कि.मी. है। अरुण-3 जलविद्युत परियोजना की आयोजना, अभियोजना, विकास एवं निष्पादन करने के उद्देश्य के साथ एकल शेयरधारक कंपनी एसजेवीएन लिमिटेड द्वारा नेपाली कंपनी अधिनियम 2063 के तहत एक प्राईवेट कंपनी के रूप में एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवल्पमेंट कंपनी प्रा. लि. (एसएपीडीसी) दिनांक 25.04.13 को स्थापित एवं पंजीकृत की गई। आईबीएन, नेपाल सरकार के साथ दिनांक 25.11.14 को परियोजना विकास करार (पीडीए) हस्ताक्षरित हुआ।
सीईए द्वारा दिनांक 09.06.2014 को डीपीआर की विविक्षा की गई। पीआईबी ने अरुण-3 एचईपी के उत्पादन घटकों के लिए निवेश हेतु 5723.72 करोड़ रुपए की आकलित लागत की सिफारिश की थी। सीसीईए ने इसकी मंजूरी 22.02.2017 को प्रदान की।
| घटक | विवरण |
|---|---|
| जगह | |
| क्षमता | 900 मेगावाट |
| राज्य/देश | नेपाल |
| बेसिन | अरुण |
| परियोजना प्रकार | रन-ऑफ-द-रिवर |
| डायवर्जन संरचना | |
| बांध का प्रकार | क्रंक्रीट ग्रेविटी बांध |
| बांध की ऊंचाई | 80 मी. |
| क्रेस्ट लेवल | 808 मी. |
| लंबाई/डीटी का व्यास | 429 मी. / 11 मी. |
| इंटेकों की संख्या | 2 |
| हेडरेस टनल | |
| एडिट की संख्या | 4 |
| एचआरटी की लंबाई | 11.83 कि.मी. |
| एचआरटी का व्यास | 9.5 मी. वृत्ताकार |
| डिस्चार्ज | 344.68 क्यूमेक्स |
| सर्ज शाफ्ट | |
| सर्जशाफ्ट का प्रकार | एक, प्रतिबंधित छिद्र |
| सर्जशाफ्ट की ऊंचाई | 155 मी. |
| व्यास | 24 मी. |
| प्रेशर शाफ्ट | |
| प्रेशर शाफ्ट का प्रकार | वर्टिकल स्टील लाईन्ड |
| प्रेशर शाफ्ट (टों)/पेनस्टॉक की सं. | 2/4 |
| विद्युत गृह | |
| पावर हाऊस का प्रकार | भूमिगत गुफा |
| उत्पादन इकाई की क्षमता/संख्या | 4/225 मेगावाट |
| टरबाईन का प्रकार | वर्टिकल फ्रांसिस |
| कुल हेड | 308 मी. |
| डिजाईन हेड | 286.21 मी. |
| टेलरेस टनल | |
| लंबाई | 108 मी. |
| व्यास | 10 मी. |
| 90% विश्वसनीय वर्ष में विद्युत | 4018.87 जीडब्ल्यूएच |
परियोजना का वित्त पोषण 70:30 के ऋण इक्विटी अनुपात पर होगाI
| क्र. सं. | विवरण | तिथि |
|---|---|---|
| 1. | नेपाल सरकार के साथ एमओयू हस्ताक्षर | 02.03.2008 |
| 2. | सर्वेक्षण तथा अन्वेक्षण कार्य पूर्ण करना | 15.01.2011 |
| 3. | सीईए को परियोजना की डीपीआर प्रस्तुत करना | 31.03.2011 |
| 4. | सीईए को ट्रांसमिशन लाईन की डीपीआर सौंपी गई | 05.04.2011 |
| 5. | जन सुनवाई पूर्ण की गई | 24.02.2013 |
| 6. | एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्रा. लिमिटेड (एसएपीडीसी) स्थापित तथा पंजीकृत हुई | 25.04.2013 |
| 7. | सीईए द्वारा परियोजना की डीपीआर की विविक्षा | 09.06.2014 |
| 8. | सीईए द्वारा ट्रांसमिशन लाईन की डीपीआर की विविक्षा | 20.06.2014 |
| 9. | नेपाल सरकार के साथ पीडीए हस्ताक्षरित | 25.11.2014 |
| 10. | नेपाल सरकार द्वारा ईआईए अनुमोदन | 12.08.2015 |
| 11. | एसएपीडीसी तथा डीओआर के मध्य एमओयू | 05.01.2016 |
| 12. | डीओआर के साथ करार | 29.05.2016 |
| 13. | पीआईबी अनुमोदन | 20.09.2016 |
| 14. | सीसीईए अनुमोदन | 22.02.2017 |
| 15. | सिविल पैकेज-I का एलओए | 22.09.2017 |
| 16. | सिविल पैकेज-II का एलओए | 19.03.2018 |
| 17. | एचएम पैकेज का एलओए | 11.04.2018 |
| 18. | ईएम पैकेज का एलओए | 30.04.2018 |
| 19. | निर्माण विद्युत का एलओए (47 किमी, 33 केवी लाईन) | 09.08.2018 |
| 20. | नेपाल सरकार द्वारा निर्माण विद्युत लाईन के लिए निर्माण लाइसेंस जारी किया गया (47 किमी, 33 केवी लाईन के लिए) | 28.11.2018 |
| 21. | वित्तीय समापन हासिल किया गया | 06.02.2020 |
| 22. | एचआरटी के फेस-1 के शीर्ष उत्खनन का समापन | 23.02.2020 |
| 23. | एचआरटी के सभी संपादनों को पूरा करना | 14.04.2020 |
| 24. | सर्ज शाफ्ट की सतह की खुदाई | 05.05.2020 |
| 25. | पावर हाउस के सभी संपादनों का समापन | 10.12.2020 |
| 26. | नदी मोड़ | 01.02.2021 |
- अक्टूबर-2024 से मार्च-2025 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल-2024 से सितंबर-2024 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर-2023 से मार्च 2024 तक की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल-2023 से सितंबर-2023 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर, 2022 से मार्च 2023 की अवधि के लिए पर्यावरण पहलुओं के अनुपालन पर छमाही निगरानी रिपोर्ट
- अप्रैल, 2022 से सितंबर, 2022 की अवधि के लिए पर्यावरण पहलुओं के अनुपालन पर छमाही निगरानी रिपोर्ट
- अक्टूबर, 2021 से मार्च, 2022 तक की अवधि के लिए पर्यावरणीय पहलुओं के लिए छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर 2018 से मार्च 2019 की अवधि के लिए छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
- पर्यावरण प्रबंधन गतिविधियां
412 मेगावाट स्थापित क्षमता वाला रामपुर जलविद्युत स्टेशन, उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू जिलों में स्थित है। यह स्टेशन सतलुज नदी पर, जो सिंधु बेसिन की प्रमुख सहायक नदी है, निर्मित किया गया है। रामपुर जलविद्युत स्टेशन को प्रति वर्ष 1878 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है। यह संयंत्र 1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (रन ऑफ द रिवर संयंत्र) के साथ अग्रानुक्रम (Downstream) में स्थापित है। परियोजना के निष्पादन हेतु भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच अक्टूबर, 2004 में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
परियोजना के मुख्य निर्माण कार्य फरवरी, 2007 में आरंभ हुए। हेड रेस टनल (HRT), सर्ज शाफ्ट, वाल्व हाउस, विद्युत गृह, टेल रेस टनल (TRT) तथा अन्य सहायक कार्यों को पूर्ण करने के पश्चात् जल संवहन प्रणाली में पानी भरने का कार्य बिना किसी रिसाव के मार्च, 2014 में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
परियोजना का वित्तपोषण 70:30 के ऋण-इक्विटी अनुपात के आधार पर किया गया है। यह परियोजना विश्व बैंक से वित्त पोषित थी। मार्च, 2006 के मूल्य स्तर पर परियोजना की अनुमानित लागत ₹2047.06 करोड़ थी। पीआईबी ने ₹4233.21 करोड़ की संशोधित लागत अनुमान के अनुमोदन हेतु सिफारिश की थी।
रामपुर जलविद्युत स्टेशन से उत्पन्न विद्युत को विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्तरी क्षेत्र के राज्यों — हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड — को उनकी निर्धारित प्रतिशतता के अनुसार आबंटित किया गया है।
परियोजना की छह उत्पादन इकाइयों को दिसंबर, 2014 तक निम्नानुसार क्रमिक रूप से कमीशन किया गया:
| इकाई संख्या | कमीशनिंग / सिंक्रोनाइज़ेशन की तिथि | सीओडी (COD) |
|---|---|---|
| #1 | 19.03.2014 | 13.05.2014 |
| #2 | 21.03.2014 | 13.05.2014 |
| #5 | 30.03.2014 | 13.05.2014 |
| #4 | 12.06.2014 | 18.06.2014 |
| #3 | 31.07.2014 | 08.08.2014 |
| #6 | 04.12.2014 | 16.12.2014 |
रामपुर परियोजना को अपस्ट्रीम 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना के साथ अग्रानुक्रम में कार्य करने के लिए डिजाईन किया गया है ।
रामपुर परियोजना बड़ी अपस्ट्री म परियोजना से आऊटफ्लो पानी को ग्रहण करती है ।
10.50 मी. व्या स के साथ 15.177 कि.मी. लंबी एक हेड रेस कंक्रीट लाईन सुरंग ।
38 मी. व्या स के साथ एक 165 मी. ऊंचा सर्जशाफ्ट जो आकाश की ओर खुला है ।
एक भूतल प्रकार का वाल्व हाऊस ।
119.10 मीटर के डिजाईन हेड के उपयोग हेतु 68.67 मेगावाट प्रत्येकक की छह वर्टिकल एक्सिस फ्रांसिस टरबाईनों के लिए एक भूतल विद्युत ग्रह ।
एक ओपन चैनल के साथ 10.50 मी. व्यामस वाली 67.15 मी. लंबी हार्स शू प्रकार तथा कंक्रीट लाईन्ड टेल रेस टनल।
मार्च, 2006 के मूल्य स्तर और ऋण इक्विटी अनुपात 70:30 की दर पर परियोजना की नई आकलित लागत 2047.03 करोड़ रुपए है, जिसमें मार्च,2006 के मूल्य स्तर पर 260.41 करोड़ रुपए एवं 1.46 करोड़ रुपएराशि के क्रमशः निर्माणावधि ब्याज (आईडीसी) एवं वित्तीय शुल्क (एफसी) शामिल हैं। परियोजना पूरा करने की लागत भारत सरकार के अनुमोदन के अधीन है।
| क्र. सं. | माइलस्टोन का नाम | तिथि |
|---|---|---|
| 1 | कार्यान्वयन समझौता को हस्ताक्षर करने की तिथि | 20.10.2004 |
| 2 | सीपीडी द्वारा एपीडीआर मंजूरी | 09.12.2005 |
| 3 | मंत्रिमंडल द्वारा पर्यावरण मंजूरी | 31.03.2006 |
| 4 | मंत्रिमंडल द्वारा वन मंजूरी | 07.04.2006 |
| 5 | पीआईबी मंजूरी | 25.07.2006 |
| 6 | सीसीईए मंजूरी | 25.01.2007 |
| 7 | मुख्य सिविल कार्यों की अवार्ड करना | 01.02.2007 |
| 8 | मुख्य इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्यों की अवार्ड करना | 16.09.2008 |
| 9 | एचआरटी खुदाई | 24.07.2013 |
| 10 | बोंग खोदाई | 20.02.2013 |
| 11 | औल्ड टनलिंग | 19.08.2013 |
| 12 | इनलेट टनलिंग | 24.11.2013 |
| 13 | एडिट की पूर्णता | |
| i) काजो | 30.04.13 | |
| ii) कुनी | 22.02.14 | |
| iii) कश्योली | 20.02.14 | |
| iv) गोशाई | 23.01.14 | |
| v) बायाल | 21.02.14 | |
| 14 | सर्ज शाफ्ट | |
| i) पायलट खुदाई | 31.01.2009 | |
| ii) बढ़ाई | 08.04.10 | |
| iii) लाइनिंग | 31.08.12 | |
| iv) गेट इंस्टॉलेशन | 25.02.14 | |
| 15 | पेन्स्टॉक | |
| i) फैब्रिकेशन | 31.05.12 | |
| ii) एरैक्शन | 12.03.14 | |
| 16 | बीवीओपी | 30.11.13 |
| 17 | जीआईएस | 04.04.13 |
| 18 | विद्युत गृह | 30.09.13 |
| 19 | टेल गेट | 25.01.14 |
| 20 | रायज़र गैलरी | 31.05.13 |
| 21 | टीआरटी आउटलेट | 31.05.13 |
| 22 | एचआरटी फिलिंग | |
| i) आरंभ | 23.02.14 | |
| ii) समाप्त | 14.03.14 |
| क्र. सं. | विवरण | सिंक्रोनाइज़ेशन | कमीशनिंग | सीओडी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | यूनिट #1 | 31.01.13 | 19.03.14 | 13.05.14 |
| 2 | यूनिट #2 | 26.02.13 | 21.03.14 | 13.05.14 |
| 3 | यूनिट #3 | 04.01.14 | 31.07.14 | 08.08.14 |
| 4 | यूनिट #4 | 12.09.13 | 12.06.14 | 18.06.14 |
| 5 | यूनिट #5 | 27.04.13 | 30.03.14 | 13.05.14 |
| 6 | यूनिट #6 | 16.12.13 | 04.12.14 | 16.12.14 |
- अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल-2024 से सितंबर-2024 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अक्टूबर-2023 से मार्च 2024 तक की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छमाही अनुपालन रिपोर्ट
- अप्रैल-2023 से सितंबर-2023 की अवधि के लिए पर्यावरण मंजूरी में निर्धारित शर्तों की छह मासिक अनुपालन रिपोर्ट
1500 मेगावाट क्षमता का नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन देश का सबसे बड़ा जलविद्युत प्लांट है। नाथपा झाकड़ी प्लांट प्रति वर्ष 6950.88 (6612) मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन करने के लिए डिजाइन किया गया है। परंतु प्लांट को गुणवत्ता प्रबंधन ने वार्षिक लक्ष्यों से अधिक विद्युत उत्पादन करने में सक्षम बनाया है।
नाथपा झाकड़ी परियोजना के निष्पादन के लिए भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच जुलाई,1991 में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना को 50:50 के ऋण इक्विटीगत अनुपात के आधार पर वित्त पोषित किया गया है। परियोजना को विश्व बैंक से सहायता प्राप्त है। परियोजना को 8187 करोड़ रपए की लागत से पूरा किया गया था।
नाथपा झाकड़ी परियोजना को मई,2004 में कमीशन किया गया था तथा आधिकारिक तौर पर 28 मई,2005 को प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया।
नाथपा झाकड़ी जलविद्युत प्लांट से विद्युत का आबंटन उत्तर भारतीय राज्यों हरियाणा, हि.प्र., पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड तथा दिल्ली व चंडीगढ़ के सभी शहरों को होता है जिससे ग्रिड इस क्षेत्र में विद्युत की कमी को दूर करने के लिए सक्षम है।
परियोजना क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास के अलावा, 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह 90% विश्वसनीय वर्ष में और 95% मशीन उपलब्धता के साथ औसतन 6950.88 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन कर सके। यह परियोजना उत्तरी ग्रिड को 1500 मेगावाट की महत्वपूर्ण पीकिंग पावर उपलब्ध करा रही है।
बस-बार पर कुल उत्पादित विद्युत में से 12 प्रतिशत बिजली गृह राज्य हिमाचल प्रदेश को निःशुल्क प्रदान की जाती है। शेष 88 प्रतिशत विद्युत में से 25 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश को बस-बार दरों पर दी जाती है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा शेष विद्युत उत्तरी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निम्नानुसार आवंटित की गई है:
| क्र. सं. | राज्य | आवंटन (मेगावाट में) | स्थापित क्षमता के प्रतिशत के रूप में |
|---|---|---|---|
| कुल | 1500 | 100 | |
| 1. | हरियाणा | 64 | 4.27 |
| 2. | हिमाचल प्रदेश * | 547 | 36.47 |
| 3. | जम्मू एवं कश्मीर | 105 | 7.00 |
| 4. | पंजाब | 114 | 7.60 |
| 5. | राजस्थान | 112 | 7.47 |
| 6. | उत्तर प्रदेश | 221 | 14.73 |
| 7. | उत्तराखण्ड | 38 | 2.53 |
| 8. | चंडीगढ़ | 08 | 0.53 |
| 9. | दिल्ली | 142 | 9.47 |
| 10. | केंद्रीय सरकार के अधिकार में अनावंटित कोटा ** | 149 | 9.93 |
इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र को कृषि और औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि के रूप म
| क्र. सं. | विवरण | दिनांक |
|---|---|---|
| 1. | 1020 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाली तथा हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत मंडल द्वारा निष्पादित की जाने वाली ₹538.38 करोड़ की अनुमानित लागत वाली परियोजना को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की स्वीकृति। | फरवरी, 1980 |
| 2. | पर्यावरण संबंधी मंजूरी। | जून, 1980 |
| 3. | दिसंबर, 1985 के मूल्य स्तर पर ₹1649.17 करोड़ की अनुमानित लागत वाली 1500 मेगावाट की स्थापित क्षमता के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से प्राप्त प्रौद्योगिकी स्वीकृति। | मई, 1986 |
| 4. | वन संबंधी मंजूरी। | जुलाई, 1986 |
| 5. | पीआईबी अनुमोदन। | जनवरी, 1988 |
| 6. | सतलुज जल विद्युत निगम का गठन। | मई, 1988 |
| 7. | मार्च, 1989 में ₹1678.02 करोड़ की स्वीकृत लागत पर 1500 मेगावाट की स्थापित क्षमता के लिए सीसीईए अनुमोदन। | मार्च, 1989 |
| 8. | सितंबर, 1988 के मूल्य स्तर पर ₹1678.02 करोड़ की अनुमानित लागत पर नाथपा झाकड़ी जल विद्युत निगम (6x250 मेगावाट) का निष्पादन सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा करवाने का भारत सरकार अनुमोदन। | अप्रैल, 1989 |
| 9. | 437 मिलियन अमेरिकी डॉलर की विश्व बैंक सहायता प्राप्त करने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन। | अप्रैल, 1989 |
| 10. | विश्व बैंक ऋण करार पर हस्ताक्षर। | मई, 1989 |
| 11. | विश्व बैंक ऋण प्रभावी होना। | जनवरी, 1990 |
| 12. | केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री तथा एनईएस, भारत सरकार और मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच करार पर हस्ताक्षर। | जुलाई, 1991 |
| 13. | सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा आधिकारिक रूप से नाथपा झाकड़ी जल विद्युत परियोजना का ग्रहण। | अगस्त, 1991 |
| 14. | हि.प्र.रा.वि.मं. के कर्मचारियों के आंदोलन के कारण परियोजना को प्रभावी रूप से ग्रहण करने में विलंब। | फरवरी, 1992 |
| 15. | आरसीई-I के लिए पीआईबी अनुमोदन। | अप्रैल, 1993 |
| 16. | आरसीई-I के लिए सीसीईए अनुमोदन। | जून, 1993 |
| 17. | मुख्य सिविल निर्माण संविदाएं प्रदान की गईं। | जून, 1993 |
| 18. | जनरेटिंग इकाइयों और संबद्ध उपकरणों के लिए संविदा प्रदान की गई। | नवंबर, 1994 |
| 19. | ₹7179.64 करोड़ की संशोधित लागत तथा सभी इकाइयों की मार्च, 2002 तक कमीशनिंग की संशोधित अनुसूची सहित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण को प्रस्तुत की गई। | मई, 1997 |
| 20. | ₹7217.05 करोड़ की संशोधित लागत एवं सभी इकाइयों की मार्च, 2002 तक कमीशनिंग की संशोधित अनुसूची को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा अनुमोदन। | नवंबर, 1997 |
| 21. | विश्व बैंक ऋणों का पुनर्वर्गीकरण करने और बंद होने की तिथि बढ़ाने के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत। | दिसंबर, 1997 |
| 22. | विश्व बैंक द्वारा ऋणों का पुनर्वर्गीकरण और 31 दिसंबर, 1998 तक विस्तार। | दिसंबर, 1997 |
| 23. | विद्युत मंत्रालय को आरसीई-II का पूर्व पीआईबी ज्ञापन प्रस्तुत। | जनवरी, 1998 |
| 24. | पूर्व पीआईबी बैठक आयोजित। | जुलाई, 1998 |
| 25. | ₹7666.31 करोड़ के आरसीई-II को पीआईबी स्वीकृति। | नवंबर, 1998 |
| 26. | ₹7666.31 करोड़ के आरसीई-II को सीसीईए स्वीकृति। | मई, 1998 |
| 27. | सितंबर, 2001 के मूल्य स्तर पर ₹9083.34 करोड़ के आरसीई-III सहित आरडीपीआर प्रस्तुत। | दिसंबर, 2001 |
| 28. | ₹6218.29 करोड़ की पक्की लागत (निर्माण के दौरान ब्याज एवं दावों को छोड़कर) के आरसीई-III को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की मंजूरी। | दिसंबर, 2002 |
| 29. | सितंबर, 2002 के मूल्य स्तर पर ₹8656.61 करोड़ के आरसीई-III सहित पूर्व पीआईबी ज्ञापन विद्युत मंत्रालय को प्रस्तुत। (*बास्पा चरण-II परियोजना हेतु इंटर-कनेक्शन सुविधा की लागत ₹62.86 करोड़ निर्धारित कर इसे पूंजीगत लागत से घटाया गया है तथा कट एंड कवर सुरंग विस्तार हेतु ₹50 करोड़ जोड़े गए हैं।) | अप्रैल, 2003 |
| 30. | बांध में भराव प्रारंभ, गाद छनाई कक्ष संख्या 4 एवं 27.4 किमी लंबी मुख्य सुरंग का चार्जिंग, इकाई संख्या 5 का प्रारंभ। | 28 अगस्त, 2003 |
| 31. | इकाई संख्या 5 का समक्रमण। | 20 सितंबर, 2003 |
| 32. | इकाई संख्या 5 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)। | 6 अक्टूबर, 2003 |
| 33. | परियोजना की प्रथम इकाई (इकाई #5) का उद्घाटन। | 14 अक्टूबर, 2003 |
| 34. | इकाई संख्या 6 का समक्रमण। | 23 नवंबर, 2003 |
| 35. | इकाई संख्या 6 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)। | 2 जनवरी, 2004 |
| 36. | इकाई संख्या 4 का समक्रमण (परीक्षण लोड)। | 22 जनवरी, 2004 |
| 37. | इकाई संख्या 3 का समक्रमण (परीक्षण लोड)। | 13 फरवरी, 2004 |
| 38. | इकाई संख्या 2 का समक्रमण (परीक्षण लोड)। | 9 मार्च, 2004 |
| 39. | भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय एवं सतलुज जल विद्युत निगम के बीच 2004-05 के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर। | 29 मार्च, 2004 |
| 40. | इकाई संख्या 4 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)। | 30 मार्च, 2004 |
| 41. | इकाई संख्या 1 का समक्रमण (परीक्षण लोड)। | 31 मार्च, 2004 |
| 42. | इकाई संख्या 3 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)। | 31 मार्च, 2004 |
| 43. | इकाई संख्या 2 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)। | 6 मई, 2004 |
| 44. | इकाई संख्या 1 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)। | 18 मई, 2004 |
| 45. | एसजेवीएन ने ISO 9001:2000 प्रमाणन प्राप्त किया। | 2 फरवरी, 2005 |
| 46. | भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री मनमोहन सिंह द्वारा नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना राष्ट्र को समर्पित। | 28 मई, 2005 |
नाथपा में सतलुज नदी पर 62.50 मीटर ऊँचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध बनाया गया है, जिसके माध्यम से 486 क्यूमेक्स पानी चार इनटेकों में डाला जाता है।
प्रत्येक 525 मीटर लंबाई, 16.31 मीटर चौड़ाई और 27.5 मीटर गहराई वाले चार चैम्बरों के साथ एक विशाल भूमिगत डीसिल्टिंग कॉम्प्लेक्स निर्मित किया गया है।
सर्ज शाफ्ट तक 27.394 किलोमीटर लंबी और 10.15 मीटर व्यास की हेड रेस टनल (Head Race Tunnel) बनाई गई है।
सर्ज शाफ्ट 301 मीटर गहरा और 21.60 मीटर व्यास वाला है, जो ऊपर से खुला (Open-to-Sky) है।
4.90 मीटर व्यास वाली तीन सर्कुलर स्टील-लाइनड प्रेशर शाफ्टें निर्मित की गई हैं, जिन्हें विद्युत गृह के समीप छह उत्पादन इकाइयों की आपूर्ति के लिए दो भागों में विभाजित किया गया है।
कुल 1500 मेगावाट स्थापित क्षमता की छह उत्पादन इकाइयों में प्रत्येक में 250 मेगावाट की वर्टिकल एक्सिस फ्रांसिस टरबाइन (Vertical Axis Francis Turbine) स्थापित है।
परियोजना में 10.15 मीटर व्यास और 982 मीटर लंबाई वाली टेल रेस टनल (Tail Race Tunnel) भी शामिल है।
