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जल विद्युत

एसजेवीएन ने एकल जलविद्युत परियोजना कंपनी से प्रारंभ करके आज हिमाचल प्रदेश उत्‍तराखण्‍ड तथा पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान में जलविद्युत परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन में प्रवेश किया है।एसजेवीएन देश के सबसे बड़े 1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी ज‍लविद्युत स्‍टेशन का सफलतापूर्वक प्रचालन कर रहा है तथा भूमिगत टरबाईनों के हिस्‍सों में सिल्‍ट क्षरण की समस्‍या से निपटने के पश्‍चात वर्ष-दर-वर्ष विद्युत उत्‍पादन और रखरखाव में नए बेंचमार्क स्‍थापित कर रहा है।

60 मेगावाट की उत्पादन क्षमता वाली नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना उत्तर भारत में उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में यमुना नदी की एक प्रमुख सहायक नदी टोंस पर अवस्थित है। परियोजना को स्‍टैंडएलोन रन-ऑफ-द रिवर परियोजना के रूप में डिजाइन किया गया है। पूरी परियोजना टोंस नदी के दाहिने किनारे पर है, जो नैटवाड़ गांव के समीप बैराज स्थल तथा बैनोल गांव के समीप विद्युत गृह परिसर तक फैली हुई है। नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना में प्रत्‍येक वर्ष 265.5 मिलियन यूनिट के विद्युत उत्‍पादन की क्षमता है। नैटवाड़ मोरी परियोजना के निष्पादनार्थ उत्‍तराखंड सरकार के साथ 21 नवम्‍बर, 2005 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर. के. सिंह तथा उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 30.03.2018 को मोरी में परियोजना की आधारशिला रखी।

निम्नलिखित विवरण के अनुसार 3 पैकेजों में सभी प्रमुख कार्य पूरे हो गए हैं और परियोजना की दोनों इकाइयाँ चालू हो गई हैं।

इकाई क्र.सिंक्रनाइज़ेशन की तारीखसीओडी
इकाई #114.11.202324.11.2023
इकाई #229.11.202304.12.2023
घटक का नामविशेषताएं
डायवर्जन संरचना 
प्रकारबैराज
ऊंचाई18.5 मी.
शीर्ष पर बैराज की लंबाई50 मी.
डिसिल्टिंग टैंक 
प्रकारएक, ट्वीन चैंबर
आकार (मी.में)130 (लं.) x 25 (चौ.) x 13.5 (ऊं.)
हेडरेस टनल 
लंबाई4.33 कि.मी., मोडिफाईड हार्स शू प्रकार
व्‍यास5.6 मी. (परिष्‍कृत)
डिजाईन, डिस्‍चार्ज73.5 मी.3/से.
एडिटों की संख्‍या02 नं.
भूमिगत सर्ज शाफ्ट 
ऊंचाई57.33 मी.
व्‍यास18 मी.
प्रेशर शाफ्ट/पेनस्‍टॉक 
प्रेशर शाफ्ट की सं.एक (2 शाखाओं में विभाजित)
प्रेशर शॉफ्ट का व्‍यासविभाजन तक 4.0 मीटर, प्रत्येक शाखा का 2.8 मीटर व्यास
प्रेशर शॉफ्ट की लंबाईविभाजन तक 97.5 मीटर, प्रत्येक शाखा की लंबाई 29 मीटर
भूमिगत विद्युत गृह 
इकाईयों की संख्‍या02 (30 मेगावाट प्रत्‍येक)
कुल डिजाईन हेड90.76 मी.
टरबाईन का प्रकारवर्टिकल फ्रांसिस
टेलरेस टनल 
आकारसंशोधित हॉर्स-शू
साईज6.5 मी. (व्‍यास)
लंबाई188 मी.
टेलरेस चैनल 
आकारसमलम्बाकार
साईजधरातल पर 6.0 मी. चौड़ा तथा शीर्ष पर 17.5 मी. चौड़ा x 5.75 मी. (ऊं.)

परियोजना का वित्‍त-पोषण 70:30 के ऋण इक्विटी अनुपात पर किया गया है।

क्रमांकविवरणतिथि
1.एसजेवीएन एवं उत्‍तराखंड सरकार के मध्‍य निष्पादन करार21.11.2005
2.डीपीआर की टीईसी02.03.2010
3.पर्यावरण मंजूरी16.06.2016
4.चरण-2 वन मंजूरी05.08.2016
5."स्थापना हेतु सहमति" के संबंध में आदेश04.07.2017
6.निवेश स्वीकृति16.10.2017
7.वन विभाग, उत्‍तराखंड सरकार के साथ वन भूमि हेतु लीज करार पर हस्ताक्षर01.12.2017
8.प्रमुख सिविल संकार्यों का अवार्ड05.12.2017
9.परियोजना की आधरशिला30.03.2018
10.हाइड्रो मैकेनिकल पैकेज का अवार्ड18.04.2018
11.इलेक्ट्रो मैकेनिकल पैकेज का अवार्ड11.06.2018
12.नदी डायवर्जन31.01.2019
13.संपूर्ण एचआरटी की खुदाई05.07.2021
14.पावर हाउस की संपूर्ण खुदाई29.04.2022
15.यूनिट-1 की बॉक्सिंग-अप14.10.2022
16.सर्ज शाफ्ट लाइनिंग की पूर्णता (आई/सी ग्राउटिंग)04.05.2023
17.यूनिट-2 की बॉक्सिंग-अप22.07.2023
18.एचआरटी लाइनिंग की पूर्णता28.08.2023
19.जलाशय का भराव16.09.2023
20.यूनिट-1 की मैकेनिकल स्पिनिंग27.09.2023
21.यूनिट-1 की मैकेनिकल स्पिनिंग24.10.2023
22.सीओडी (यूनिट-1)24.11.2023
23.सीओडी (यूनिट-2)04.12.2023

Etalin HEP with a proposed capacity of 3097 MW located in the Dibang basin of Arunachal Pradesh was allocated on 22.12.2021 by the Ministry of Power, Govt. of India. Project allotted by GoAP on 21.07.2023. Memorandum of Agreement for project development signed with GoAP on 12.08.2023. Transfer of concurrence and extension of validity of DPR upto 31.12.2024 in favour of SJVN accorded by CEA on 09.11.2023. Proposal for Investment approval of the project submitted to MoP on 01.03.2024.

 

सरकार नेपाल सरकार ने प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से नेपाल में 679 मेगावाट की लोअर अरुण जल विद्युत परियोजना दिनांक 29.01.2021 को आवंटित की है। यह परियोजना पूर्वी नेपाल के संखुवासभा और भोजपुर जिलों में मौजूदा अरुण -3 एचईपी के डाउनस्ट्रीम अरुण नदी पर स्थित है। आईबीएन, नेपाल सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर दिनांक 11.07.2021 को किया गया है।

दिनांक 31.10.2021 को नेपाल सरकार को प्रस्तुत डीपीआर दिनांक 31.03.2022 को स्वीकृत की गयी । दिनांक 19.11.2021 को सीईए में डीपीआर प्रस्तुत की गयी जिसका सीईए द्वारा तकनीकी-आर्थिक मूल्यांकन दिनांक 31.10.2022 को किया गया है ।

एलएचईपी स्टेज-I के कमीशन की तारीख - 1 साल और 207 दिनों में।

लूहरी जलविद्युत परियोजना हि.प्र. के शिमला, कुल्‍लू तथा मंडी जिलों में सतलुज नदी पर स्थित है। आरंभ में लूहरी जलविद्युत परियोजना को एकल चरण परियोजना के रूप में विचारित किया गया था तथा हि.प्र. सरकार के साथ दिनांक 27.10.2008 को कार्यान्‍वयन करार पर हस्‍ताक्षर किए गए थे। हि.प्र. सरकार ने मार्च, 2015 में एसजेवीएन को सामाजिक तथा पर्यावरणीय चिंताओं के कारण लूहरी जलविद्युत परियोजना को एकल चरण के स्‍थान पर बहु-चरणीय परियोजना के रूप में निष्‍पादित करने की संभावनाओं का पता लगाने का सुझाव दिया। तदनुसार, रामपुर तथा कोल बांध जलविद्युत परियोजनाओं के मध्‍य सतलुज नदी की जलविद्युत क्षमता के दोहन हेतु तीन चरणों (यथा लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-I - 210 मेगावाट, लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-II - 172 मेगावाट तथा सुन्‍नी बांध जलविद्युत परियोजना - 382 मेगावाट) की परिकल्‍पना की गई। हि.प्र. सरकार ने सभी तीन परियोजनाओं को "स्‍टैण्‍ड एलोन बेसिस" पर दिनांक 29.08.2017 को एसजेवीएन को पुनः आबंटित किया। हि.प्र. सरकार के साथ एमओयू दिनांक 25.09.2019 को हस्‍ताक्षरित किया गया।

लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-I परियोजना हि.प्र. के शिमला और कुल्‍लू जिलों में नीरथ गांव के समीप सतलुज नदी पर अवस्थित 210 मेगावाट की स्‍थापित क्षमता के साथ एक रन-ऑफ-द-रिवर (आरओआर) परियोजना है। इस परियोजना की 90% विश्‍वसनीय वर्ष में 758 मि.यू. विद्युत उत्‍पादन करने की क्षमता है। एमओपी, भारत सरकार ने दिनांक 20.11.2020 को निवेश अनुमोदन के लिए स्वीकृति आदेश जारी किया।

घटक का नामविशेषताएं
स्‍थान/प्रकार/क्षमता 
राज्‍य/देशहि.प्र.
स्‍थापित क्षमता (मेगावाट)210 (2x80+2x25)
बांध 
प्रकारकंक्रीट ग्रैविटी
ऊंचाई (गहरी नींव स्‍तर से)80.00 मी.
प्रेशर शॉफ्ट/पेन स्‍टॉक 
संख्‍यामुख्‍य इकाई = 2
सहायक इकाई = 2
व्‍यास8.0 मी. (मुख्‍य) एवं 5.0 मी. (सहायक)
लंबाई84.00 मी. (मुख्‍य) एवं 98.00 मी. (सहायक)
विद्युत गृह 
प्रकारबांध टो सरफेस
आकार122.00 मी. (लं.) x 50.50 मी. (चौ.) x 65.50 मी. (ऊं.)
सं./उत्‍पादन इकाईयों की क्षमतामुख्‍य इकाई = 2x80 मे.वा.
सहायक इकाई = 2x25 मे.वा.
टरबाईन का प्रकारकपलान/4
कुल हेड37 मी.
टेलरेस टनल/चैनल 
आकारओपन चैनल
लंबाई/व्‍यास120 मी./65 मी. चौड़ा

सीसीईए, भारत सरकार द्वारा 1810.56 करोड़ रुपये की निवेश स्वीकृति परियोजना के कार्यान्वयन के लिए दिनांक 04.11.2020 को दी गई। परियोजना को 80:20 ऋण इक्विटी अनुपात पर वित्तपोषित किया जाएगा। 28.02.2022 को वित्तीय समापन प्राप्त हुआ।
 

क्र. सं.विवरणति‍थि
1.लूहरी जलविद्युत परियोजना (एकल चरण परियोजना) के निष्‍पादन के लिए एसजेवीएन तथा हि.प्र. सरकार के मध्‍य कार्यान्‍वयन करार पर हस्‍ताक्षर27.10.2008
2.''स्‍टैंड एलोन बेसिस'' पर हि.प्र. सरकार द्वारा एसजेवीएन को सभी तीन चरणों/परियोजनाओं का आबंटन29.08.2017
3.भारत सरकार से निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए निवेश अनुमोदन08.02.2018
4.सीईए द्वारा डीपीआर की टीईसी प्रदान की गई01.05.2018
5.चरण-I वन मंजूरी19.09.2018
6.एमओईएफ एवं सीसी को फाईनल अनुमोदनार्थ वन भूमि के हस्तांयतरण के लिए मामला प्रस्तुत करना24.12.2018
7.चरण-II वन मंजूरी28.03.2019
8.मुख्यं परियोजना संकार्यों के लिए पीआईबी मेमो प्रस्तुवत करना15.07.2019
9.एमओआरटीएच द्वारा एनएच के डायवर्जन हेतु आकलन का अनुमोदनी02.09.2019
10.हि.प्र. सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करना25.09.2019
11.पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से पर्यावरण मंजूरी17.03.2020
12.राज्य पीसीबी से स्थापना के लिए सहमति14.09.2020
13.निवेश की मंजूरी के लिए पीआईबी16.09.2020
14.सीसीईए अनुमोदन04.11.2020
15.विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निवेश अनुमोदन जारी करना20.11.2020
16.सिविल और एचएम कार्यों के लिए ईपीसी पैकेज अवार्ड करना24.11.2020
17.ईएम कार्यों के लिए ईपीसी पैकेज अवार्ड करना16.07.2021
18.माननीय प्रधान मंत्री द्वारा परियोजना की आधारशिला रखी गई27.12.2021

66 मेगावाट की उत्‍पादन क्षमता के साथ धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में सिंधु बेसिन के अंग ब्‍यास नदी पर अवस्थित है। यह परियेाजना एक छोटे ताजा भण्‍डारण के साथ एक रन-ऑफ-दि-रिवर परियोजना के रूप में डिजाईन की गई है, जिसका प्रयोग कम जल प्रवाह अवधि के दौरान पीकिंग विद्युत उत्‍पादन के लिए किया जाएगा।

इस परियोजना से 90% विश्‍वसनीय वर्ष में 304 मि.यू. विद्युत उत्‍पादन की क्षमता है।

मुख्‍य विशेषताएंविवरण
डायवर्जन बांध 
प्रकारकंक्रीट ग्रेविटी बांध
ऊंचाई69.75 मी. (गहरे आधार स्‍तर से)
ऊपर तक बांध की कुल लंबाई195.14 मी.
पावर इनटेक02 नं.
डायवर्जन टनल 
आकारडी-आकार
व्‍यास10.2 मी.
लंबाई253 मी.
पेनस्‍टॉक 
प्रकारभूतल
नम्‍बर2
व्‍यास4.3 मी.
प्रत्‍येक पेनस्‍टॉक की लंबाई60.50 मी.
विद्युत गृह 
प्रकारबाएं किनारे पर बांध के नीचे विद्युत गृह
इकाई2 (33 मेगावाट प्रत्‍येक)
टरबाईन का प्रकारवर्टिकल फ्रांसिस
डिजाईन डिस्‍चार्ज161.34 मी.³/से.
कुल हेड46.70 मी.
टेलरेस चैनल 
प्रकारओपन चैनल
लंबाई69 मी.
बेस चौड़ाई15 मी.

भारत सरकार द्वारा दिनांक 01.10.2020 को 687.97 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के लिए निवेश स्वीकृति की गई। परियोजना का वित्‍त पोषण 80:20 के ऋण इक्विटी अनुपात में किया जाएगा।

क्र. सं.विवरणदिनांक
1हिमाचल प्रदेश सरकार से टीईसी25.06.2011
2चरण-I वन मंजूरी06.03.2012
3पर्यावरण मंजूरी21.02.2013
4कैट योजना का अनुमोदन01.10.2013
5हि.प्र. सरकार द्वारा संशोधित लागत आकलन का अनुमोदनी11.05.2018
6हि.प्र. सरकार द्वारा एसआईए अध्ययन की अधिसूचना जारी करना08.02.2019
7विद्युत मंत्रालय को संशोधित पीआईबी मेमो प्रस्तुत करना18.07.2019
8पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा वन मंजूरी-I को 01.11.2020 तक बढ़ाना03.09.2019
9हि.प्र. सरकार के साथ एमओयू हस्ताक्षरित करना25.09.2019
10पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा वन मंजूरी चरण-211.08.2020
11पीआईबी द्वारा निवेश के लिए मंजूरी16.09.2020
12भारत सरकार से परियोजना की निवेश स्वीकृति01.10.2020
13सिविल और एचएम कार्यों के लिए ईपीसी पैकेज अवार्ड करना06.05.2021
14हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना की सहमति06.05.2021
15माननीय प्रधान मंत्री द्वारा परियोजना की आधारशिला रखी गई27.12.2021

900 मेगावाट अरुण-III जलविद्युत परियोजना के बूट आधार पर निष्‍पादन के लिए नेपाल सरकार के साथ परियोजना के वित्‍तीय क्‍लोजर की तिथि से 5 वर्षों की निर्माण अवधि तथा 25 वर्षों की प्रचालन अवधि के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए। यह परियोजना अरुण नदी पर नेपाल के सांखुवासभा जिले में अवस्थित है जो वाया बिराटनगर काठमाण्‍डु से 657 कि.मी. है। अरुण-3 जलविद्युत परियोजना की आयोजना, अभियोजना, विकास एवं निष्‍पादन करने के उद्देश्‍य के साथ एकल शेयरधारक कंपनी एसजेवीएन लिमिटेड द्वारा नेपाली कंपनी अधिनियम 2063 के तहत एक प्राईवेट कंपनी के रूप में एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवल्‍पमेंट कंपनी प्रा. लि. (एसएपीडीसी) दिनांक 25.04.13 को स्‍थापित एवं पंजीकृत की गई। आईबीएन, नेपाल सरकार के साथ दिनांक 25.11.14 को परियोजना विकास करार (पीडीए) हस्‍ताक्षरित हुआ।

सीईए द्वारा दिनांक 09.06.2014 को डीपीआर की विविक्षा की गई। पीआईबी ने अरुण-3 एचईपी के उत्‍पादन घटकों के लिए निवेश हेतु 5723.72 करोड़ रुपए की आकलित लागत की सिफारिश की थी। सीसीईए ने इसकी मंजूरी 22.02.2017 को प्रदान की।

घटकविवरण
जगह 
क्षमता900 मेगावाट
राज्‍य/देशनेपाल
बेसिनअरुण
परियोजना प्रकाररन-ऑफ-द-रिवर
डायवर्जन संरचना 
बांध का प्रकारक्रंक्रीट ग्रेविटी बांध
बांध की ऊंचाई80 मी.
क्रेस्‍ट लेवल808 मी.
लंबाई/डीटी का व्‍यास429 मी. / 11 मी.
इंटेकों की संख्‍या2
हेडरेस टनल 
एडिट की संख्‍या4
एचआरटी की लंबाई11.83 कि.मी.
एचआरटी का व्‍यास9.5 मी. वृत्‍ताकार
डिस्‍चार्ज344.68 क्‍यूमेक्‍स
सर्ज शाफ्ट 
सर्जशाफ्ट का प्रकारएक, प्रतिबंधित छिद्र
सर्जशाफ्ट की ऊंचाई155 मी.
व्‍यास24 मी.
प्रेशर शाफ्ट 
प्रेशर शाफ्ट का प्रकारवर्टिकल स्‍टील लाईन्‍ड
प्रेशर शाफ्ट (टों)/पेनस्‍टॉक की सं.2/4
विद्युत गृह 
पावर हाऊस का प्रकारभूमिगत गुफा
उत्‍पादन इकाई की क्षमता/संख्‍या4/225 मेगावाट
टरबाईन का प्रकारवर्टिकल फ्रांसिस
कुल हेड308 मी.
डिजाईन हेड286.21 मी.
टेलरेस टनल 
लंबाई108 मी.
व्‍यास10 मी.
90% विश्‍वसनीय वर्ष में विद्युत4018.87 जीडब्‍ल्‍यूएच

परियोजना का वित्‍त पोषण 70:30 के ऋण इक्विटी अनुपात पर होगाI

क्र. सं.विवरणति‍थि
1.नेपाल सरकार के साथ एमओयू हस्ताक्षर02.03.2008
2.सर्वेक्षण तथा अन्‍वेक्षण कार्य पूर्ण करना15.01.2011
3.सीईए को परियोजना की डीपीआर प्रस्‍तुत करना31.03.2011
4.सीईए को ट्रांसमिशन लाईन की डीपीआर सौंपी गई05.04.2011
5.जन सुनवाई पूर्ण की गई24.02.2013
6.एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्रा. लिमिटेड (एसएपीडीसी) स्थापित तथा पंजीकृत हुई25.04.2013
7.सीईए द्वारा परियोजना की डीपीआर की वि‍विक्षा09.06.2014
8.सीईए द्वारा ट्रांसमिशन लाईन की डीपीआर की वि‍विक्षा20.06.2014
9.नेपाल सरकार के साथ पीडीए हस्‍ताक्षरित25.11.2014
10.नेपाल सरकार द्वारा ईआईए अनुमोदन12.08.2015
11.एसएपीडीसी तथा डीओआर के मध्‍य एमओयू05.01.2016
12.डीओआर के साथ करार29.05.2016
13.पीआईबी अनुमोदन20.09.2016
14.सीसीईए अनुमोदन22.02.2017
15.सिविल पैकेज-I का एलओए22.09.2017
16.सिविल पैकेज-II का एलओए19.03.2018
17.एचएम पैकेज का एलओए11.04.2018
18.ईएम पैकेज का एलओए30.04.2018
19.निर्माण विद्युत का एलओए (47 किमी, 33 केवी लाईन)09.08.2018
20.नेपाल सरकार द्वारा निर्माण विद्युत लाईन के लिए निर्माण लाइसेंस जारी किया गया (47 किमी, 33 केवी लाईन के लिए)28.11.2018
21.वित्तीय समापन हासिल किया गया06.02.2020
22.एचआरटी के फेस-1 के शीर्ष उत्खनन का समापन23.02.2020
23.एचआरटी के सभी संपादनों को पूरा करना14.04.2020
24.सर्ज शाफ्ट की सतह की खुदाई05.05.2020
25.पावर हाउस के सभी संपादनों का समापन10.12.2020
26.नदी मोड़01.02.2021

412 मेगावाट स्थापित क्षमता वाला रामपुर जलविद्युत स्टेशन, उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू जिलों में स्थित है। यह स्टेशन सतलुज नदी पर, जो सिंधु बेसिन की प्रमुख सहायक नदी है, निर्मित किया गया है। रामपुर जलविद्युत स्टेशन को प्रति वर्ष 1878 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है। यह संयंत्र 1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (रन ऑफ द रिवर संयंत्र) के साथ अग्रानुक्रम (Downstream) में स्थापित है। परियोजना के निष्पादन हेतु भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच अक्टूबर, 2004 में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

परियोजना के मुख्य निर्माण कार्य फरवरी, 2007 में आरंभ हुए। हेड रेस टनल (HRT), सर्ज शाफ्ट, वाल्व हाउस, विद्युत गृह, टेल रेस टनल (TRT) तथा अन्य सहायक कार्यों को पूर्ण करने के पश्चात् जल संवहन प्रणाली में पानी भरने का कार्य बिना किसी रिसाव के मार्च, 2014 में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

परियोजना का वित्तपोषण 70:30 के ऋण-इक्विटी अनुपात के आधार पर किया गया है। यह परियोजना विश्व बैंक से वित्त पोषित थी। मार्च, 2006 के मूल्य स्तर पर परियोजना की अनुमानित लागत ₹2047.06 करोड़ थी। पीआईबी ने ₹4233.21 करोड़ की संशोधित लागत अनुमान के अनुमोदन हेतु सिफारिश की थी।

रामपुर जलविद्युत स्टेशन से उत्पन्न विद्युत को विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्तरी क्षेत्र के राज्यों — हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड — को उनकी निर्धारित प्रतिशतता के अनुसार आबंटित किया गया है।

परियोजना की छह उत्पादन इकाइयों को दिसंबर, 2014 तक निम्नानुसार क्रमिक रूप से कमीशन किया गया:

इकाई संख्याकमीशनिंग / सिंक्रोनाइज़ेशन की तिथिसीओडी (COD)
#119.03.201413.05.2014
#221.03.201413.05.2014
#530.03.201413.05.2014
#412.06.201418.06.2014
#331.07.201408.08.2014
#604.12.201416.12.2014

रामपुर परियोजना को अपस्ट्रीम 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना के साथ अग्रानुक्रम में कार्य करने के लिए डिजाईन किया गया है ।

रामपुर परियोजना बड़ी अपस्ट्री म परियोजना से आऊटफ्लो पानी को ग्रहण करती है ।

10.50 मी. व्या स के साथ 15.177 कि.मी. लंबी एक हेड रेस कंक्रीट लाईन सुरंग ।

38 मी. व्या स के साथ एक 165 मी. ऊंचा सर्जशाफ्ट जो आकाश की ओर खुला है ।

एक भूतल प्रकार का वाल्व हाऊस ।

119.10 मीटर के डिजाईन हेड के उपयोग हेतु 68.67 मेगावाट प्रत्येकक की छह वर्टिकल एक्सिस फ्रांसिस टरबाईनों के लिए एक भूतल विद्युत ग्रह ।

एक ओपन चैनल के साथ 10.50 मी. व्यामस वाली 67.15 मी. लंबी हार्स शू प्रकार तथा कंक्रीट लाईन्ड टेल रेस टनल।

मार्च, 2006 के मूल्य स्तर और ऋण इक्विटी अनुपात 70:30 की दर पर परियोजना की नई आकलित लागत 2047.03 करोड़ रुपए है, जिसमें मार्च,2006 के मूल्य स्तर पर 260.41 करोड़ रुपए एवं 1.46 करोड़ रुपएराशि के क्रमशः निर्माणावधि ब्याज (आईडीसी) एवं वित्तीय शुल्क (एफसी) शामिल हैं। परियोजना पूरा करने की लागत भारत सरकार के अनुमोदन के अधीन है।

क्र. सं.माइलस्टोन का नामतिथि
1कार्यान्वयन समझौता को हस्ताक्षर करने की तिथि20.10.2004
2सीपीडी द्वारा एपीडीआर मंजूरी09.12.2005
3मंत्रिमंडल द्वारा पर्यावरण मंजूरी31.03.2006
4मंत्रिमंडल द्वारा वन मंजूरी07.04.2006
5पीआईबी मंजूरी25.07.2006
6सीसीईए मंजूरी25.01.2007
7मुख्य सिविल कार्यों की अवार्ड करना01.02.2007
8मुख्य इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्यों की अवार्ड करना16.09.2008
9एचआरटी खुदाई24.07.2013
10बोंग खोदाई20.02.2013
11औल्ड टनलिंग19.08.2013
12इनलेट टनलिंग24.11.2013
13एडिट की पूर्णता 
 i) काजो30.04.13
 ii) कुनी22.02.14
 iii) कश्योली20.02.14
 iv) गोशाई23.01.14
 v) बायाल21.02.14
14सर्ज शाफ्ट 
 i) पायलट खुदाई31.01.2009
 ii) बढ़ाई08.04.10
 iii) लाइनिंग31.08.12
 iv) गेट इंस्टॉलेशन25.02.14
15पेन्स्टॉक 
 i) फैब्रिकेशन31.05.12
 ii) एरैक्शन12.03.14
16बीवीओपी30.11.13
17जीआईएस04.04.13
18विद्युत गृह30.09.13
19टेल गेट25.01.14
20रायज़र गैलरी31.05.13
21टीआरटी आउटलेट31.05.13
22एचआरटी फिलिंग 
 i) आरंभ23.02.14
 ii) समाप्त14.03.14
क्र. सं.विवरणसिंक्रोनाइज़ेशनकमीशनिंगसीओडी
1यूनिट #131.01.1319.03.1413.05.14
2यूनिट #226.02.1321.03.1413.05.14
3यूनिट #304.01.1431.07.1408.08.14
4यूनिट #412.09.1312.06.1418.06.14
5यूनिट #527.04.1330.03.1413.05.14
6यूनिट #616.12.1304.12.1416.12.14

1500 मेगावाट क्षमता का नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन देश का सबसे बड़ा जलविद्युत प्लांट है। नाथपा झाकड़ी प्लांट प्रति वर्ष 6950.88 (6612) मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन करने के लिए डिजाइन किया गया है। परंतु प्लांट को गुणवत्ता प्रबंधन ने वार्षिक लक्ष्यों से अधिक विद्युत उत्पादन करने में सक्षम बनाया है।

नाथपा झाकड़ी परियोजना के निष्पादन के लिए भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच जुलाई,1991 में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना को 50:50 के ऋण इक्विटीगत अनुपात के आधार पर वित्त पोषित किया गया है। परियोजना को विश्व बैंक से सहायता प्राप्त है। परियोजना को 8187 करोड़ रपए की लागत से पूरा किया गया था।

नाथपा झाकड़ी परियोजना को मई,2004 में कमीशन किया गया था तथा आधिकारिक तौर पर 28 मई,2005 को प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया।

नाथपा झाकड़ी जलविद्युत प्लांट से विद्युत का आबंटन उत्तर भारतीय राज्यों हरियाणा, हि.प्र., पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड तथा दिल्ली व चंडीगढ़ के सभी शहरों को होता है जिससे ग्रिड इस क्षेत्र में विद्युत की कमी को दूर करने के लिए सक्षम है।

परियोजना क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास के अलावा, 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह 90% विश्वसनीय वर्ष में और 95% मशीन उपलब्धता के साथ औसतन 6950.88 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन कर सके। यह परियोजना उत्तरी ग्रिड को 1500 मेगावाट की महत्वपूर्ण पीकिंग पावर उपलब्ध करा रही है।

बस-बार पर कुल उत्पादित विद्युत में से 12 प्रतिशत बिजली गृह राज्य हिमाचल प्रदेश को निःशुल्क प्रदान की जाती है। शेष 88 प्रतिशत विद्युत में से 25 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश को बस-बार दरों पर दी जाती है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा शेष विद्युत उत्तरी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निम्नानुसार आवंटित की गई है:

क्र. सं.राज्यआवंटन (मेगावाट में)स्थापित क्षमता के प्रतिशत के रूप में
 कुल1500100
1.हरियाणा644.27
2.हिमाचल प्रदेश *54736.47
3.जम्मू एवं कश्मीर1057.00
4.पंजाब1147.60
5.राजस्थान1127.47
6.उत्तर प्रदेश22114.73
7.उत्तराखण्ड382.53
8.चंडीगढ़080.53
9.दिल्ली1429.47
10.केंद्रीय सरकार के अधिकार में अनावंटित कोटा **1499.93

इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र को कृषि और औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि के रूप म

क्र. सं.विवरणदिनांक
1.1020 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाली तथा हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत मंडल द्वारा निष्पादित की जाने वाली ₹538.38 करोड़ की अनुमानित लागत वाली परियोजना को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की स्वीकृति।फरवरी, 1980
2.पर्यावरण संबंधी मंजूरी।जून, 1980
3.दिसंबर, 1985 के मूल्य स्तर पर ₹1649.17 करोड़ की अनुमानित लागत वाली 1500 मेगावाट की स्थापित क्षमता के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से प्राप्त प्रौद्योगिकी स्वीकृति।मई, 1986
4.वन संबंधी मंजूरी।जुलाई, 1986
5.पीआईबी अनुमोदन।जनवरी, 1988
6.सतलुज जल विद्युत निगम का गठन।मई, 1988
7.मार्च, 1989 में ₹1678.02 करोड़ की स्वीकृत लागत पर 1500 मेगावाट की स्थापित क्षमता के लिए सीसीईए अनुमोदन।मार्च, 1989
8.सितंबर, 1988 के मूल्य स्तर पर ₹1678.02 करोड़ की अनुमानित लागत पर नाथपा झाकड़ी जल विद्युत निगम (6x250 मेगावाट) का निष्पादन सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा करवाने का भारत सरकार अनुमोदन।अप्रैल, 1989
9.437 मिलियन अमेरिकी डॉलर की विश्व बैंक सहायता प्राप्त करने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन।अप्रैल, 1989
10.विश्व बैंक ऋण करार पर हस्ताक्षर।मई, 1989
11.विश्व बैंक ऋण प्रभावी होना।जनवरी, 1990
12.केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री तथा एनईएस, भारत सरकार और मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच करार पर हस्ताक्षर।जुलाई, 1991
13.सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा आधिकारिक रूप से नाथपा झाकड़ी जल विद्युत परियोजना का ग्रहण।अगस्त, 1991
14.हि.प्र.रा.वि.मं. के कर्मचारियों के आंदोलन के कारण परियोजना को प्रभावी रूप से ग्रहण करने में विलंब।फरवरी, 1992
15.आरसीई-I के लिए पीआईबी अनुमोदन।अप्रैल, 1993
16.आरसीई-I के लिए सीसीईए अनुमोदन।जून, 1993
17.मुख्य सिविल निर्माण संविदाएं प्रदान की गईं।जून, 1993
18.जनरेटिंग इकाइयों और संबद्ध उपकरणों के लिए संविदा प्रदान की गई।नवंबर, 1994
19.₹7179.64 करोड़ की संशोधित लागत तथा सभी इकाइयों की मार्च, 2002 तक कमीशनिंग की संशोधित अनुसूची सहित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण को प्रस्तुत की गई।मई, 1997
20.₹7217.05 करोड़ की संशोधित लागत एवं सभी इकाइयों की मार्च, 2002 तक कमीशनिंग की संशोधित अनुसूची को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा अनुमोदन।नवंबर, 1997
21.विश्व बैंक ऋणों का पुनर्वर्गीकरण करने और बंद होने की तिथि बढ़ाने के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत।दिसंबर, 1997
22.विश्व बैंक द्वारा ऋणों का पुनर्वर्गीकरण और 31 दिसंबर, 1998 तक विस्तार।दिसंबर, 1997
23.विद्युत मंत्रालय को आरसीई-II का पूर्व पीआईबी ज्ञापन प्रस्तुत।जनवरी, 1998
24.पूर्व पीआईबी बैठक आयोजित।जुलाई, 1998
25.₹7666.31 करोड़ के आरसीई-II को पीआईबी स्वीकृति।नवंबर, 1998
26.₹7666.31 करोड़ के आरसीई-II को सीसीईए स्वीकृति।मई, 1998
27.सितंबर, 2001 के मूल्य स्तर पर ₹9083.34 करोड़ के आरसीई-III सहित आरडीपीआर प्रस्तुत।दिसंबर, 2001
28.₹6218.29 करोड़ की पक्की लागत (निर्माण के दौरान ब्याज एवं दावों को छोड़कर) के आरसीई-III को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की मंजूरी।दिसंबर, 2002
29.सितंबर, 2002 के मूल्य स्तर पर ₹8656.61 करोड़ के आरसीई-III सहित पूर्व पीआईबी ज्ञापन विद्युत मंत्रालय को प्रस्तुत। (*बास्पा चरण-II परियोजना हेतु इंटर-कनेक्शन सुविधा की लागत ₹62.86 करोड़ निर्धारित कर इसे पूंजीगत लागत से घटाया गया है तथा कट एंड कवर सुरंग विस्तार हेतु ₹50 करोड़ जोड़े गए हैं।)अप्रैल, 2003
30.बांध में भराव प्रारंभ, गाद छनाई कक्ष संख्या 4 एवं 27.4 किमी लंबी मुख्य सुरंग का चार्जिंग, इकाई संख्या 5 का प्रारंभ।28 अगस्त, 2003
31.इकाई संख्या 5 का समक्रमण।20 सितंबर, 2003
32.इकाई संख्या 5 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)।6 अक्टूबर, 2003
33.परियोजना की प्रथम इकाई (इकाई #5) का उद्घाटन।14 अक्टूबर, 2003
34.इकाई संख्या 6 का समक्रमण।23 नवंबर, 2003
35.इकाई संख्या 6 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)।2 जनवरी, 2004
36.इकाई संख्या 4 का समक्रमण (परीक्षण लोड)।22 जनवरी, 2004
37.इकाई संख्या 3 का समक्रमण (परीक्षण लोड)।13 फरवरी, 2004
38.इकाई संख्या 2 का समक्रमण (परीक्षण लोड)।9 मार्च, 2004
39.भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय एवं सतलुज जल विद्युत निगम के बीच 2004-05 के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर।29 मार्च, 2004
40.इकाई संख्या 4 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)।30 मार्च, 2004
41.इकाई संख्या 1 का समक्रमण (परीक्षण लोड)।31 मार्च, 2004
42.इकाई संख्या 3 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)।31 मार्च, 2004
43.इकाई संख्या 2 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)।6 मई, 2004
44.इकाई संख्या 1 की कमीशनिंग (वाणिज्यिक उत्पादन)।18 मई, 2004
45.एसजेवीएन ने ISO 9001:2000 प्रमाणन प्राप्त किया।2 फरवरी, 2005
46.भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री मनमोहन सिंह द्वारा नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना राष्ट्र को समर्पित।28 मई, 2005

नाथपा में सतलुज नदी पर 62.50 मीटर ऊँचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध बनाया गया है, जिसके माध्यम से 486 क्यूमेक्स पानी चार इनटेकों में डाला जाता है।

प्रत्येक 525 मीटर लंबाई, 16.31 मीटर चौड़ाई और 27.5 मीटर गहराई वाले चार चैम्बरों के साथ एक विशाल भूमिगत डीसिल्टिंग कॉम्प्लेक्स निर्मित किया गया है।

सर्ज शाफ्ट तक 27.394 किलोमीटर लंबी और 10.15 मीटर व्यास की हेड रेस टनल (Head Race Tunnel) बनाई गई है।

सर्ज शाफ्ट 301 मीटर गहरा और 21.60 मीटर व्यास वाला है, जो ऊपर से खुला (Open-to-Sky) है।

4.90 मीटर व्यास वाली तीन सर्कुलर स्टील-लाइनड प्रेशर शाफ्टें निर्मित की गई हैं, जिन्हें विद्युत गृह के समीप छह उत्पादन इकाइयों की आपूर्ति के लिए दो भागों में विभाजित किया गया है।

कुल 1500 मेगावाट स्थापित क्षमता की छह उत्पादन इकाइयों में प्रत्येक में 250 मेगावाट की वर्टिकल एक्सिस फ्रांसिस टरबाइन (Vertical Axis Francis Turbine) स्थापित है।

परियोजना में 10.15 मीटर व्यास और 982 मीटर लंबाई वाली टेल रेस टनल (Tail Race Tunnel) भी शामिल है।